हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार मंदिर निधि के सामाजिक कार्यों के उपयोग पर रोक लगाने वाले उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करेगी। यह मुद्दा शून्यकाल के दौरान चिंतपूर्णी विधायक सुदर्शन बबलू द्वारा उठाया गया था, जिन्होंने सरकार से आग्रह किया कि मंदिर के कोष का उपयोग जरूरतमंदों और वंचितों की सहायता के लिए करने की अनुमति दी जाए।
भाषा, कला एवं संस्कृति मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार अदालत के निर्देशों का पालन कर रही है और इस मामले पर कानूनी सलाह ले चुकी है। उन्होंने कहा, “अब मंदिर के धन का इस्तेमाल वाहन खरीदने या अखबारों में विज्ञापन देने के लिए नहीं किया जा सकता।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार इस बात के कानूनी पहलुओं की जांच कर रही है कि क्या मंदिर के कोष का उपयोग विभिन्न सामाजिक कल्याण गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।

