हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एचपीसीसी) के अध्यक्ष विनय कुमार ने रविवार को भाजपा से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की बहाली सुनिश्चित करने के प्रयासों का समर्थन करने का आह्वान किया। यहां जारी एक बयान में कुमार ने कहा कि यह मुद्दा राज्य की वित्तीय स्थिरता और भविष्य के विकास से संबंधित है और इसे राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से हिमाचल प्रदेश के अधिकारों, गरिमा और दीर्घकालिक हितों की रक्षा के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आग्रह किया। उनके अनुसार, आरडीजी की वापसी से पहाड़ी राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और चल रही विकास परियोजनाओं में बाधा उत्पन्न होगी।
हिमाचल प्रदेश के पर्यावरण संरक्षण में योगदान पर प्रकाश डालते हुए कुमार ने कहा कि राज्य ने जंगलों, नदियों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे देश के पारिस्थितिक संतुलन में महत्वपूर्ण योगदान मिला है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपनी विशिष्ट पहचान को बनाए रखते हुए विकास के मामले में अग्रणी पहाड़ी राज्यों में से एक के रूप में उभरा है, जिसका श्रेय उन्होंने राज्य की निरंतर सरकारों और जनता को दिया। — टीएनएस

