सीआईए-1 और सिविल लाइंस पुलिस की एक संयुक्त टीम ने कैथल बस स्टैंड पर एक युवक पर बर्फ तोड़ने वाले औजार जैसे हथियार से बेरहमी से हमला करने के मामले में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
बाद में आरोपियों को घटना स्थल पर ले जाया गया ताकि घटना का पुनर्निर्माण किया जा सके और सटीक स्थान की पहचान की जा सके।
सिविल लाइंस के एसएचओ इंस्पेक्टर रमेश चंद्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जिंद जिले के पाई गांव के अंकित उर्फ मोटा, कासन गांव के शिल्ली, संदील गांव के रॉबिन और देवबन गांव के सचिन के रूप में हुई है।
एसएचओ ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला नरवाल गांव के निवासी ललित की शिकायत पर दर्ज किया गया है। अपनी शिकायत में ललित ने बताया कि 10 जून को शाम करीब 5:30 बजे वह और उसका दोस्त अंकुश आईटीआई से कैथल बस स्टैंड पहुंचे थे।
वहाँ उनकी मुलाकात अंकित, शिली, रॉबिन और उनके साथियों से हुई, जिनसे उनकी पुरानी दुश्मनी थी। थोड़ी कहासुनी के बाद, अंकित और सीली कथित तौर पर ललित को एक तरफ ले गए। फिर अंकित ने बर्फ तोड़ने वाले औजार से उस पर कई बार हमला किया, वहीं सीली ने भी उस पर हमला किया। आसपास मौजूद लोगों के हस्तक्षेप से पीड़ित को बचाया गया।
आरोपी कथित तौर पर मौके से फरार हो गए। सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद, सीआईए-1 के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर जसवंत सिंह और एसएचओ इंस्पेक्टर रमेश चंद्र ने संयुक्त अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
एसएचओ ने कहा कि पुलिस हिंसक गतिविधियों में शामिल या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करेगी।

