June 15, 2026
National

असम विमान दुर्घटनाग्रस्त में शहीद अग्निवीर कुमावत का पार्थिव शरीर पहुंचेगा गांव, भाई बोले- ‘हमें गम नहीं, गर्व है’

The mortal remains of Agniveer Kumawat, martyred in the Assam plane crash, will reach his village; his brother says, “We feel no grief, only pride.”

असम के जोरहाट में हुए एएन-32 विमान हादसे में शहीद अग्निवीर खेमाराम कुमावत का पार्थिव शरीर सोमवार को उनके पैतृक गांव पहुंचेगा। राजस्थान के डीडवाना जिले के नावा उपखंड के पांचोता गांव में अग्निवीर खेमाराम कुमावत का अंतिम संस्कार होगा। हालांकि, उनकी शहादत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

महज साढ़े तीन साल पहले ही अग्निवीर के रूप में वायुसेना में भर्ती हुए खेमाराम की शहादत की सूचना जैसे ही उनके घर पहुंची, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वीर सपूत खोने के गम में मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। हालांकि, इस गहरे दुख के बीच परिजनों और ग्रामीणों की आंखों में अपने बेटे के सर्वोच्च बलिदान पर गर्व भी साफ नजर आ रहा है।

खेमाराम कुमावत के भाई राजेंद्र कुमावत ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “खेमाराम का स्वभाव सबसे अच्छा था। वे जितने दयालु थे, उतने साहसी भी थे। 12वीं पास करने के बाद खेमाराम ने कोचिंग ली। उसके बाद दूसरी बार में उनका चयन अग्निवीर में हुआ। अब समय को कुछ और ही मंजूर था।”

उन्होंने बताया कि पापा के पास फोन आया था। तब हमें खेमाराम के शहीद होने की सूचना मिली थी। राजेंद्र कुमावत ने कहा कि मेरा भाई एक सच्चा देशभक्त था। मुझे उनकी शहादत पर गम नहीं, बल्कि गर्व है।

शहीद के घर पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और आस-पड़ोस के लोगों का ढांढस बंधाने के लिए तांता लगा हुआ है। अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शनों के लिए पूरे क्षेत्र के लोग नम आंखों और भारी मन से इंतजार कर रहे हैं। गांव का हर नागरिक यही कह रहा है कि देश ने एक जांबाज सैनिक खोया है, जिसकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती।

शहीद की अंतिम विदाई और राजकीय सम्मान के साथ होने वाले अंतिम संस्कार को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अंतिम यात्रा में उमड़ने वाली देशभक्तों की भारी भीड़ के मद्देनजर मोक्षधाम में साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं युद्ध स्तर पर शुरू करवा दी गई हैं।

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