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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का आंदोलन मुसलमानों तक सीमित नहीं, सभी समुदाय शामिल होंगे: जमात-ए-इस्लामी

The Muslim Personal Law Board's movement is not limited to Muslims; all communities will participate: Jamaat-e-Islami.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के देशव्यापी आंदोलन के ऐलान के बीच जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोतासिम खान ने कहा कि यह अभियान केवल मुस्लिम समुदाय तक सीमित नहीं होगा, बल्कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर चलाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक महत्वपूर्ण संस्था है। यदि उसने इस तरह के आंदोलन का ऐलान नहीं भी किया होता, तब भी वर्तमान परिस्थितियों में इस प्रकार का अभियान चलाने की आवश्यकता थी।

मलिक मोतासिम खान ने कहा कि देश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू करने की दिशा में लगातार कदम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात और उत्तराखंड में इसे लागू किया जा चुका है, जबकि असम में भी इसी दिशा में कदम उठाए गए हैं और मध्य प्रदेश में इसकी तैयारियां चल रही हैं। यह एक ऐसा विषय है, जिस पर व्यापक संवाद और जनजागरूकता की आवश्यकता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में मस्जिदों को तोड़े जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं और ध्वस्तीकरण की कार्रवाइयां जारी हैं। मौजूदा हालात में केवल एक मुद्दा नहीं है, बल्कि कई ऐसे विषय हैं, जिन पर समाज में चिंता का माहौल बना हुआ है। कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है और उन्हें लंबे समय तक जमानत नहीं मिल पा रही है। इन परिस्थितियों के कारण लोगों के बीच भय और असुरक्षा का वातावरण पैदा हुआ है। ऐसे माहौल में एक व्यापक अभियान चलाने की जरूरत है, जिससे लोगों को सही दिशा मिले और उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा हो।

खान ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य लोगों को संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करने के लिए प्रेरित करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल मुसलमानों का नहीं होगा, बल्कि इसमें गैर-मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल होंगे। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और अन्य सामाजिक संगठन विभिन्न समुदायों के लोगों से संवाद करेंगे और उन्हें साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों और मूल्यों की रक्षा करना है। इनमें स्वतंत्रता, समानता, भाईचारा, न्याय और धार्मिक स्वतंत्रता जैसे सिद्धांत शामिल हैं। इन संवैधानिक गारंटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर काम करना होगा।

मलिक मोतासिम खान ने कहा कि चाहे यह अभियान मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड चलाए या अन्य संगठन, इसका उद्देश्य किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें मुसलमानों के साथ-साथ हिंदू और अन्य समुदायों के लोग भी भागीदारी करेंगे।

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