N1Live National विपक्ष ने कोविड में भ्रम फैलाया और आज भी यही कर रहा है : शहजाद पूनावाला
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विपक्ष ने कोविड में भ्रम फैलाया और आज भी यही कर रहा है : शहजाद पूनावाला

The opposition spread confusion during the Covid pandemic and is still doing so: Shehzad Poonawala

13 मार्च । भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने ईंधन आपूर्ति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार ने न केवल रणनीतिक भंडार बढ़ाए हैं, बल्कि घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल के वैकल्पिक उपयोगों को भी प्रोत्साहन दिया है।

उन्होंने कहा, “आज का भारत 2012-13 जैसा नहीं है, जब ईंधन की कमी के कारण पेट्रोल पंप रात आठ बजे ही बंद हो जाते थे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमने दंगों के दौरान कर्फ्यू के बारे में सुना था, लेकिन यूपीए सरकार के समय देश ने ‘पेट्रोल कर्फ्यू’ का सामना किया। उस दौर में केवल 20-30 प्रतिशत आबादी के पास एलपीजी कनेक्शन थे और शत-प्रतिशत कवरेज न होने के बावजूद गैस के लिए लंबी कतारें लगी रहती थीं।”

पूनावाला ने आगे कहा कि तेल आपूर्ति के मामले में भारत की वर्तमान स्थिति काफी बेहतर है। हमने लगभग 4,000 करोड़ लीटर का रणनीतिक भंडार तैयार किया है, जो सात से आठ सप्ताह की जरूरतों के लिए पर्याप्त है। भारत अब केवल 10-15 देशों पर निर्भर नहीं है, बल्कि हम 40 देशों से कच्चा तेल आयात करते हैं। हमारा 70 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल ‘नॉन-होर्मुज’ क्षेत्र से आता है, जो युद्ध प्रभावित इलाकों से सुरक्षित है। हमने केवल रणनीतिक पेट्रोलियम बनाने का काम ही नहीं बल्कि हमने घरेलू उपयोग में भी पेट्रोल और डीजल की कम खपत की है।

शहजाद पूनावाला ने आगे कहा कि गैस स्टोर नहीं होती, फिर भी गैस सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए हमने अपनी घरेलू उत्पादन क्षमता 28 प्रतिशत बढ़ाई है। हमारी ज्यादातर गैस भारत में ही निर्मित होती है। जो थोड़ा बहुत गैस विदेश से लेना पड़ता है उसको भी सुनिश्चित करने का काम किया गया। घरेलू सप्लाई, सीएनजी, हॉस्पिटल के लिए कोई कटौती नहीं है। कमर्शियल और इंडस्ट्रियल इस्टैब्लिशमेंट के लिए 80 प्रतिशत आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि और भी गैस हमें अलग-अलग जगहों से मिल रहा है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सवाल यह है कि जब इस तरीके की स्थिति है तो भ्रम फैलाने का काम क्यों किया जा रहा है? ये चाहते हैं अफरातफरी फैले, लोगों में भ्रम फैले और लोग सड़कों पर आकर उत्पात मचाएं। उन्होंने ये कोविड के दौरान भी किया और आज भी प्रयास कर रहे हैं।

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