गैंगस्टर दीपक नंदाल के गिरोह से जुड़े हमलावरों ने गुरुग्राम के एक रियल एस्टेट कारोबारी को बंधक बनाने और उसके घर पर गोलीबारी करने की सुनियोजित योजना को अंजाम दिया, लेकिन पुलिस ने मौके पर ही पांच हमलावरों में से चार को मार गिराया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरोह ने हमले से दो दिन पहले रोहतक से एक काली स्कॉर्पियो किराए पर ली थी, जिससे संकेत मिलता है कि यह ऑपरेशन सुनियोजित था। सभी पांचों आरोपी हरियाणा के निवासी थे और अत्याधुनिक हथियारों से लैस थे।
गुरुवार देर रात क्राइम ब्रांच की टीमों ने खुफिया जानकारी के आधार पर, जबरन वसूली के लक्ष्यों पर संभावित हमलों की सूचना मिलने के बाद संदिग्ध स्थान के चारों ओर रणनीतिक घेराबंदी कर ली, जिसके बाद मुठभेड़ हुई। पुलिस ने बताया कि पांचों हमलावर गैंगस्टर दीपक नंदल से जुड़े थे, जो विदेश से अपना धंधा चला रहा है।
पुलिस के मुताबिक, रात करीब 9:50 बजे एक काली स्कॉर्पियो, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर काली टेप से छिपाया गया था, सुशांत लोक स्थित रियल एस्टेट कारोबारी विशाल बेरी के घर पहुंची। बताया जाता है कि तीन हथियारबंद लोग गाड़ी से उतरे, कारोबारी को बंधक बनाया और उनके घर व आसपास की संपत्तियों पर अंधाधुंध फायरिंग की। हमलावरों में से एक ने मोबाइल फोन पर हमले की रिकॉर्डिंग भी की। गुरुग्राम स्थित एसजीटी यूनिवर्सिटी के संस्थापक के बेटे बेरी को कथित तौर पर कई करोड़ रुपये की फिरौती के लिए फोन आ रहे थे।
इलाके में पहले से तैनात पुलिसकर्मियों ने वाहन को घेर लिया और आरोपियों से बार-बार आत्मसमर्पण करने को कहा। हमलावरों ने कथित तौर पर पुलिस पर गोलीबारी करके जवाबी कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप गोलीबारी हुई और 60 से अधिक गोलियां चलाई गईं। चार आरोपियों की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि पांचवां गंभीर रूप से घायल हो गया। क्राइम ब्रांच के तीन जवान – एएसआई सुनील कुमार, कांस्टेबल मनजीत सिंह और कांस्टेबल शमशेर सिंह – भी गोली लगने से घायल हो गए और उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया।


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