पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सोमवार को लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुई हिंसा की पुलिस जांच पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अब तक उठाए गए कदम उम्मीदों से “काफी कम” हैं और गलत सूचनाओं के प्रसार का असर विश्वविद्यालय से परे भी है।
मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने पुलिस को जांच को एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी को स्थानांतरित करने की याचिका पर आगे बढ़ने से पहले मामले की जांच करने का एक और अवसर दिया।
पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हम पुलिस अधिकारियों से अपेक्षा करते हैं कि वे इस घटना से उत्पन्न होने वाले व्यापक प्रभावों और सार्वजनिक सुरक्षा और राष्ट्रीय हित के लिए इससे उत्पन्न होने वाले खतरों का तुरंत संज्ञान लें,” और अधिकारियों से सुधारात्मक उपाय करने और अपराधी को गिरफ्तार करने का आग्रह किया।


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