राज्य सरकार ने करोड़ों रुपये के बकाया की वसूली के लिए वैट और जीएसटी डिफॉल्टरों की संपत्तियों की नीलामी शुरू कर दी है।
वित्त, योजना और उत्पाद शुल्क एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने वैट और जीएसटी की ‘लगातार’ चोरी करने वालों की संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी शुरू करके कर डिफॉल्टरों के खिलाफ वसूली अभियान तेज कर दिया है।
शुक्रवार को मोहाली में पहली बड़ी नीलामी आयोजित की गई। कर बकायादार कंपनी सुमित इंजीनियरिंग की संपत्ति 13.22 करोड़ रुपये में बिकी। चीमा ने बताया कि जालंधर के शाहकोट में भी एक सफल नीलामी हुई, जिसमें एमआर राइस मिल्स की संपत्ति 1.11 करोड़ रुपये में बिकी। मंत्री ने कहा कि आने वाले महीनों में लगभग 20 और संपत्तियों की नीलामी की जाएगी। उन्होंने कहा, “शुक्रवार को सफल बोलीदाताओं द्वारा 3.58 करोड़ रुपये सीधे सरकारी खजाने में जमा किए गए और शेष राशि अगले सप्ताह कानूनी रूप से वसूल की जाएगी।”
कठोर वसूली कार्यवाही में संपत्तियों की भौतिक कुर्की और नीलामी शामिल थी। ये कार्रवाई विशेष रूप से उन कर डिफाल्टरों को लक्षित करती है जिन्होंने राज्य की एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना के तहत प्रदान की गई राहत का लाभ नहीं उठाया।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने ओटीएस योजना को 31 जुलाई तक बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि यह योजना लंबित वैट देनदारियों वाले करदाताओं को अपने बकाया का शीघ्र निपटान करने के लिए एक पारदर्शी और अत्यंत अनुकूल तंत्र प्रदान करती है, जिससे मुकदमेबाजी और राज्य की जबरदस्ती कार्रवाई से बचा जा सके।


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