सीएसआईआर-हिमालयन जैव-संसाधन प्रौद्योगिकी संस्थान ने 6 मार्च को “विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत को उत्प्रेरित करना” विषय के तहत राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया। यह दिवस पूरे भारत में प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी सी.वी. रमन द्वारा 1928 में रमन प्रभाव की खोज की स्मृति में मनाया जाता है, जिसके लिए उन्हें 1930 में भौतिकी में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक सुदेश कुमार यादव ने विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया और इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने संस्थान की हालिया वैज्ञानिक पहलों, विशेष रूप से जैव-अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और ग्रामीण आजीविका में सुधार लाने के उद्देश्य से की गई पहलों पर प्रकाश डाला। संस्थान के पुष्पकृषि और सुगंध संबंधी अभियानों की सफलता का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वैज्ञानिक अनुसंधान का अंतिम लाभ समाज को मिलना चाहिए और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को पूरा करना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी के अध्यक्ष और वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के पूर्व महानिदेशक शेखर सी. मांडे थे। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने संस्थान को उसके प्रभावशाली शोध के लिए बधाई दी, जिससे ग्रामीण समुदायों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। उन्होंने रमन प्रभाव की खोज को आकर्षक ढंग से समझाया और इस बात पर जोर दिया कि जिज्ञासा ही वैज्ञानिक खोज की मूल प्रेरक शक्ति है।
अंतर्राष्ट्रीय आनुवंशिक अभियांत्रिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी केंद्र के वरिष्ठ सेवानिवृत्त वैज्ञानिक और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति सुधीर सोपोरी ने कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने तेजी से बदलते वैज्ञानिक परिदृश्य में उभरती चुनौतियों और अवसरों के बारे में बात की और शोधकर्ताओं से विज्ञान को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर सीएसआईआर-केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान की पूर्व निदेशक श्रीदेवी अन्नपूर्णा सिंह ने “भारत में खाद्य एवं पोषण सुरक्षा प्राप्त करना – महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने देश में खाद्य एवं पोषण की वर्तमान स्थिति का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया और समग्र स्वास्थ्य सुनिश्चित करने में पारंपरिक खाद्य पदार्थों, संतुलित आहार और उचित पोषण के महत्व पर प्रकाश डाला।

