शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने शुक्रवार को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को एक लिखित शिकायत सौंपकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ “सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाने” के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
यह शिकायत सोशल मीडिया पर एक वीडियो के सामने आने के कुछ दिनों बाद आई है, जिसमें कथित तौर पर मान को गुरुओं का अपमान करते हुए दिखाया गया है।
सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और मान पार्टी ने अब तक इस आरोप को खारिज करते हुए वीडियो को “फर्जी” बताया है। शिकायत एसजीपीसी प्रतिनिधिमंडल द्वारा विशेष डीजीपी ए.एस. राय को उनके कार्यालय में सौंपी गई।
शिकायत में एसजीपीसी ने कहा कि वीडियो में मान को “ईशनिंदा” करते हुए देखा गया था।
एसजीपीसी ने आरोप लगाया कि मान ने राज्य के अधिकारियों के साथ मिलकर मामले को दबाने के लिए वीडियो की फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करने की साजिश रची। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस संबंध में गुरुग्राम के एक पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
निष्पक्ष जांच की मांग
एसजीपीसी ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की भी मांग की।
गुरुद्वारा समिति ने कहा कि सिख धार्मिक भावनाओं की गरिमा और कानून के शासन को बनाए रखने के लिए यह आवश्यक था। शिकायत दर्ज कराने के बाद, एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मान ने मीडिया को बताया कि 27 जून को गुरुद्वारा समिति की आम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें आंतरिक समिति को इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया था।


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