कांगड़ा जिले के जवाली उपमंडल के हरनोता गांव में पोंग बांध से विस्थापित हुए एक परिवार से संबंध रखने वाले 25 वर्षीय युवक अतीक खान ने यह साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत से आर्थिक तंगी को भी पार किया जा सकता है। अपने परिवार की कम आमदनी के बावजूद, अतीक ने गरीबी को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बाधा नहीं बनने दिया।
अटूट समर्पण और एकाग्रता के बल पर उन्होंने पहले पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की और हाल ही में हरियाणा लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक प्रोफेसरों के चयन हेतु आयोजित परीक्षा भी सफलतापूर्वक पास कर ली। प्रतिष्ठित पद के लिए चयनित 96 उम्मीदवारों में उन्होंने तीसरा स्थान प्राप्त किया। मोहम्मद असलम के पुत्र अतीक चयन के बाद पिछले सप्ताह अपने गांव लौटे, जहां ग्रामीणों ने उनका हार्दिक स्वागत किया। वे 22 मार्च को रोहतक स्थित सरकारी महाविद्यालय के भौतिकी विभाग में कार्यभार ग्रहण करेंगे।
अतीक के पिता मोहम्मद असलम घर-घर जाकर कपड़े बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं। परिवार के अनुसार, असलम ने तमाम कठिनाइयों के बावजूद अतीक की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता जारी रखी और अपने बेटे की उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए बैंक से ऋण भी लिया।


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