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कश्मीर में मटन डीलर्स की हड़ताल समाप्त, उमर अब्दुल्ला ने समस्या का समाधान होने पर जताई खुशी

The strike of mutton dealers in Kashmir is over, Omar Abdullah expressed happiness over the solution to the problem

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कश्मीर मटन डीलर्स एसोसिएशन की हड़ताल समाप्त होने पर कहा कि कश्मीरी व्यापारियों के साथ नाइंसाफी हो रही थी। यह मामला लगातार पंजाब सरकार के साथ उठाया जा रहा था और इसका समाधान हो जाना अच्छी बात है।

उमर अब्दुल्ला ने कहा, “माल हमारा न पंजाब से आ रहा था और न ही पंजाब में बिक रहा था। राजस्थान से माल आ रहा था और हाईवे के जरिए यहां लाया जा रहा था। इसके बावजूद उस पर कई तरह के टैक्स लगाए जा रहे थे, जो हमारे लोगों के साथ गलत था। अब अगर मसला हल हो गया है तो यह अच्छी बात है। हम लगातार इसी सिलसिले में पंजाब सरकार के संपर्क में थे।”

दरअसल, कश्मीर मटन डीलर्स एसोसिएशन ने 3 जुलाई को अपनी करीब 10 से 12 दिन पुरानी हड़ताल समाप्त कर दी। यह फैसला पंजाब सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद लिया गया।

हड़ताल की वजह यह थी कि कश्मीरी पशु व्यापारियों का आरोप था कि पंजाब के शंभू बॉर्डर और माधवपुर जैसे चेक पॉइंट्स पर ठेकेदार ट्रांजिट में गुजरने वाले पशु वाहनों से जबरन अवैध “कैटल फेयर लेवी” वसूल रहे थे। ये वाहन राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों से जम्मू-कश्मीर जा रहे थे। इस विवाद के कारण घाटी में मटन की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई और शादी के सीजन की शुरुआत में ही मटन की भारी कमी हो गई।

बाद में उमर अब्दुल्ला ने सीधे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात कर इस मुद्दे को उठाया। इसके बाद पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने पुलिस और जिला प्रशासन को निर्देश जारी किए कि ट्रांजिट में गुजरने वाले पशु वाहनों को किसी भी तरह से रोका या परेशान न किया जाए।

मीडिया से बातचीत के दौरान उमर अब्दुल्ला ने भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। भारत और पाकिस्तान के 100 से अधिक प्रमुख नागरिकों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को द्विपक्षीय वार्ता बहाल करने और सामान्य संबंध स्थापित करने की अपील वाले पत्र पर उन्होंने कहा, “फारूक अब्दुल्ला के हस्ताक्षर या मेरे बयान को लेकर इतनी खबरें क्यों बनाई जाती हैं? जब आरएसएस के नेता इसी तरह की बातें करते हैं, तब न एजेंसियां, न चैनल और न ही कोई दूसरा इसे प्रमुखता देता है। लेकिन जैसे ही फारूक साहब किसी पत्र पर हस्ताक्षर करते हैं या मैं कोई बयान देता हूं, तुरंत आप में से कोई न कोई हर बीजेपी नेता के पास पहुंच जाता है।”

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील का भी स्वागत किया, जिसमें अमरनाथ यात्रियों से अपने यात्रा बजट का 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों पर खर्च करने को कहा गया था। उन्होंने कहा, “यह बहुत अच्छा सुझाव है। अगर श्रद्धालु ऐसा करेंगे तो हमारे स्थानीय लोगों को फायदा होगा। अगर वे अपने बजट का 10 प्रतिशत यहां खर्च करेंगे, तो इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।”

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