पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन (पीएसयू) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को संधवान गांव स्थित विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान के आवास का घेराव किया और शिक्षा नीति, नौकरी में आरक्षण और कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ों से संबंधित कई मांगें रखीं। यह विरोध प्रदर्शन शिक्षा को राज्य सूची में शामिल करने, पंजाब निवासियों के लिए नौकरियों में 90 प्रतिशत आरक्षण और युवाओं से जुड़ी कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ों की न्यायिक जांच की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।
छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र के पक्ष में राज्य के अधिकारों से समझौता कर रही है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के कार्यान्वयन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पंजाब इस नीति को लागू करने वाले पहले राज्यों में से था और इसके प्रतिकूल प्रभाव अभी से सामने आने लगे हैं। उन्होंने मांग की कि इस नीति को रद्द किया जाए और इसके स्थान पर राज्य-विशिष्ट शिक्षा नीति लागू की जाए।
उन्होंने हरियाणा और कर्नाटक जैसे राज्यों की तर्ज पर स्थानीय लोगों के लिए 90 प्रतिशत नौकरियों में आरक्षण सुनिश्चित करने वाले कानून की मांग की। उन्होंने सत्ताधारी दल पर जन आंदोलनों को दबाने का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस भय का माहौल बना रही है। संधवान द्वारा ज्ञापन स्वीकार करने के लिए बाहर न आने पर प्रदर्शनकारियों ने अपने ज्ञापन की प्रतियां मुख्य द्वार पर चिपका दीं। —टीएनएस

