January 13, 2026
Himachal

दो सप्ताह के एनएसएस शिविर सामुदायिक सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं।

The two-week NSS camps reinforce the values ​​of community service and social responsibility.

डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (यूएचएफ), नौनी के वानिकी महाविद्यालय और बागवानी महाविद्यालय के 196 राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवकों ने दो साप्ताहिक शिविरों में सामुदायिक सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के विविध पाठ सीखे, साथ ही एनएसएस के मूल आदर्श वाक्य ‘मैं नहीं, तुम’ को सुदृढ़ किया।

नौनी और शमरोद पंचायतों में आयोजित इन शिविरों में सामुदायिक सेवा, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों के समग्र व्यक्तित्व विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान, ट्रेकिंग और प्रकृति भ्रमण, नशा-विरोधी जागरूकता अभियान, श्रम कार्य और स्थानीय निवासियों के साथ बातचीत सहित विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। छात्रों को सामाजिक मुद्दों और राष्ट्र निर्माण के महत्व के प्रति जागरूक करने के लिए शैक्षिक और प्रेरक सत्र भी आयोजित किए गए।

छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. एचपी सांख्यान, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी- वानिकी महाविद्यालय से डॉ. अनीता कुमारी, डॉ. चंद्रेश गुलेरिया, डॉ. प्रतिमा वैद्य और डॉ. नितिन शर्मा, और बागवानी महाविद्यालय से डॉ. मीनू गुप्ता, डॉ. नीलम कुमारी और अतुल धीमान ने शिविरों को सफल बनाने के लिए अपनी सेवाएं दीं।

हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति निगम के प्रबंध निदेशक अजय कुमार यादव ने समापन भाषण में सामुदायिक सेवा में एनएसएस स्वयंसेवकों के समर्पण और उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की और ग्रामीण विकास और सामाजिक परिवर्तन में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को एनएसएस शिविरों के दौरान सीखी गई सेवा और अनुशासन की भावना को अपने दैनिक जीवन में आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि इस तरह की पहल सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होती है।

डॉ. हरि पॉल संख्यान ने सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण में राष्ट्रीय सामाजिक सेवा (एनएसएस) की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने नौनी और शामरोद पंचायतों के निवासियों को उनके सहयोग और समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया।

नौनी पंचायत के प्रधान मदन हिमाचली और शामरोद पंचायत के प्रधान नंद राम ने अपनी-अपनी पंचायतों में एनएसएस स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की। छात्रों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समापन समारोह संपन्न हुआ। वानिकी महाविद्यालय के डीन डॉ. चमन लाल ठाकुर और बागवानी महाविद्यालय के डीन डॉ. मनीष कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे और उन्होंने छात्रों की प्रतिबद्धता और सेवा की प्रशंसा की।

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