ऊना जिला प्रशासन ने कोचिंग सेंटर (पंजीकरण और विनियमन) नियमों के तहत जिले में संचालित सभी निजी कोचिंग सेंटरों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है।
अतिरिक्त उपायुक्त ईशांत जसवाल ने प्रक्रिया की निगरानी के लिए गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक के बाद यह निर्देश जारी किया।
जसवाल ने कहा कि कोचिंग केंद्रों को छात्रों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त कक्षाएँ, उचित प्रकाश व्यवस्था, वेंटिलेशन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, अग्नि सुरक्षा उपाय और अन्य आवश्यक सुविधाएँ प्रदान करनी होंगी। उन्हें शिक्षण विधियों, पाठ्यक्रम, कक्षा समय सारिणी और शिक्षा की गुणवत्ता से संबंधित निर्धारित मानदंडों का भी पालन करना होगा।
पंजीकरण शुल्क 50,000 रुपये निर्धारित किया गया है, जिसका नवीनीकरण प्रत्येक तीन वर्ष में 25,000 रुपये के शुल्क पर अनिवार्य है। जसवाल ने कहा कि इन नियमों का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं, शुल्क में पारदर्शिता और निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।
कोचिंग केंद्रों के प्रबंधन को उच्च शिक्षा उप निदेशक के कार्यालय में आवेदन जमा करने होंगे। जिला स्तरीय समिति आवेदनों की जांच करेगी और निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले केंद्रों को ही पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिन आवेदकों के आवेदन अस्वीकृत किए जाएंगे, उन्हें कमियों को दूर करने और दोबारा आवेदन जमा करने के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा।
जसवाल ने कहा कि पंजीकृत कोचिंग केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण और निगरानी की जाएगी। उनके खिलाफ शिकायतों की जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित नियमों और शर्तों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों पर जुर्माना लगाया जा सकता है।


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