N1Live National जनता के दिल में ममता बनर्जी के लिए अब ममता नहीं बची : नीरज कुमार
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जनता के दिल में ममता बनर्जी के लिए अब ममता नहीं बची : नीरज कुमार

There is no more love left for Mamata Banerjee in the hearts of the people: Neeraj Kumar

9 अप्रैल । जदयू नेता नीरज कुमार ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि इस चुनाव में जनता का मोह उनसे भंग हो चुका है और अब उनके दिलों में ममता नहीं बची है।

नीरज कुमार ने पटना में आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बिहार में जिस तरह से तेजस्वी यादव को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा और वे बिहार छोड़कर भाग गए, कहीं ममता बनर्जी भी इसी चीज को न दोहरा दें।

जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने ममता बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाया, जो स्वाभाविक है। पूरे चुनावी अभियान में ममता दीदी ने यह नहीं कहा कि जनता के हित में हमने कौन-कौन से काम किए हैं। कभी एसआईआर तो कभी पदाधिकारियों का मुद्दा उठाया। संविधान इसकी इजाजत देता है कि जिनका जन्म इस धरती पर हुआ है, वह यहां के मूलनिवासी हैं। अन्य देश के लोग इस देश में रहें, यह किसी को मंजूर नहीं। ममता दीदी मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही हैं। इसीलिए जनता ने सीएम से ममता छोड़ दी है।

नीरज कुमार ने इंदौर में कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख के वंदे मातरम गाने से इनकार करने पर कहा कि यह बिल्कुल गलत है। अगर कोई भी ये कृत्य कर रहा है। कांग्रेस के अधिवेशन में वंदे मातरम गाया गया है, जिस नेता द्वारा इनकार किया गया है, उसे सबसे पहले कांग्रेस पार्टी से निकाल देना चाहिए।

सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर नीरज कुमार ने कहा कि उनके इस फैसले से बिहार के लोग के साथ ही पार्टी असमहत थी। लेकिन, सीएम के फैसले का सम्मान किया गया। नीतीश कुमार एक ऐसी मिसाल हैं, जो कभी पद के लिए नहीं रूके, वे आगे-आगे चलते रहे, पीछे-पीछे पद चलता रहा है। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत नए सीएम का चुनाव होगा।

उन्होंने कहा कि आजादी के लंबे अरसे के बाद विशेष सत्र के तहत महिला आरक्षण बिल को पारित कर दिया जाएगा। इसी के साथ राम मनोहर लोहिया का सपना भी पूरा हो जाएगा। नीतीश कुमार राज्यसभा में मौजूद होंगे, जब महिला सशक्तीकरण के लिए बिल पर चर्चा होगी।

नीरज कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग असम में एक दिन में मतदान की प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहा है, जो असम उग्रवाद की चपेट में रहता था, जहां कई चरणों में चुनाव होते थे, आज एक चरण में चुनाव हो रहा है।

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