N1Live Entertainment शब्दों को अपना रंग देकर बना देते हैं और खूबसूरत… आम लोगों की भाषा की रचनात्मकता को अमिताभ ने सराहा
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शब्दों को अपना रंग देकर बना देते हैं और खूबसूरत… आम लोगों की भाषा की रचनात्मकता को अमिताभ ने सराहा

They lend their own unique hue to words, making them even more beautiful... Amitabh appreciated the creativity found in the language of ordinary people.

अभिनेता अमिताभ बच्चन अपने ब्लॉग पर प्रशंसकों के लिए कुछ न कुछ मजेदार किस्सा या जानकारी साझा करते रहते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने भाषा और बोलचाल से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया। उन्होंने बताया कि किस तरह आम लोग अंग्रेजी शब्दों को अपनी सुविधा और अंदाज के अनुसार बदलकर नए और रोचक शब्द बना लेते हैं।

बिग बी का मानना है कि ऐसे शब्द भाषा को और अधिक शानदार बना देते हैं। अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग की शुरुआत फैंस को संबोधित करते हुए की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में स्पष्ट किया कि वह देर तक सोकर नहीं उठे थे, बल्कि काम में व्यस्त होने के कारण ब्लॉग लिखने में थोड़ी देरी हुई। उन्होंने लिखा कि काम तब पूरा लगता है जब वह अपने प्रशंसकों से जुड़ते हैं।

इसके बाद उन्होंने अपने घर ‘जलसा’ में लगे बोगनविलिया पौधों का जिक्र करते हुए एक रोचक कहानी सुनाई। उन्होंने बताया कि उनके माली को अंग्रेजी शब्द “शरबरी” बोलने में कठिनाई होती थी। ऐसे में उसने अपनी सुविधा के अनुसार इस शब्द को बदलकर “सरबरी” कहना शुरू कर दिया। अमिताभ ने कहा कि यह नया शब्द सुनने में इतना दिलचस्प और आत्मीय लगता है कि कई बार यह मूल अंग्रेजी शब्द से भी अधिक आकर्षक महसूस होता है।

बिग बी ने एक और उदाहरण देते हुए बताया कि कई लोग “रेडिएटर” शब्द का उच्चारण सही तरीके से नहीं कर पाते। इसलिए उन्होंने इसे अपने अंदाज में “रेडी वॉटर” कहना शुरू कर दिया। लोगों का मानना था कि चूंकि रेडिएटर में पानी भरा जाता है, इसलिए इसका नाम “रेडी वॉटर” होना चाहिए। अमिताभ ने कहा कि भले ही यह शब्द तकनीकी रूप से सही न हो, लेकिन इसमें एक अलग तरह की रचनात्मकता और अपनापन दिखाई देता है।

उन्होंने आगे कहा कि ऐसे शब्दों का उच्चारण मूल शब्दों के काफी करीब होता है, लेकिन उनमें स्थानीय भाषा और संस्कृति की मिठास भी जुड़ जाती है। यही कारण है कि वे सुनने में और भी सुंदर लगते हैं।

अमिताभ बच्चन ने बताया कि भले ही हर व्यक्ति अंग्रेजी भाषा में पारंगत न हो, लेकिन लोग अपने अनुभव और समझ के आधार पर शब्दों को नया रूप दे देते हैं। यही रचनात्मकता भाषा को जीवंत बनाती है। उन्होंने अपने प्रशंसकों का भी आभार जताया और कहा कि हर रविवार उनसे मिलने आने वाले फैंस उनके घर और जीवन को और अधिक सुंदर बना देते हैं।

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