शुक्रवार को लाहौल में उदयपुर-किलर रोड पर कद्दू नाले के पास हुए भीषण भूस्खलन में कुल्लू से सुदूर पांगी घाटी जा रही एक टैक्सी दब गई, जिसमें चार महिलाओं और एक छह महीने के बच्चे सहित तेरह लोगों की मौत हो गई। मलबे के नीचे फंसे यात्रियों से धुआं निकलता दिखाई दिया।
जानकारी के अनुसार, पंजीकरण संख्या HP-01M-2210 वाली टाटा सूमो गाड़ी पहाड़ी से गिरे मलबे और चट्टानों के भारी ढेर की चपेट में आ गई, जिससे गाड़ी पूरी तरह से दब गई। बताया जा रहा है कि मृतक चंबा जिले की आदिवासी घाटी पांगी के निवासी थे।
खबरों के मुताबिक, गुरुवार को भूस्खलन के कारण उदयपुर-किलर सड़क बंद रहने के बाद यात्री टिंडी में रात भर रुके थे। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा रखरखाव की जाने वाली यह सड़क शुक्रवार सुबह खुलने के बाद उन्होंने पांगी की ओर अपनी यात्रा फिर से शुरू की। कुछ ही क्षणों बाद कड्डू नाले के पास पहाड़ी के ढह जाने से त्रासदी घट गई।
लाहौल एसपी शिवानी मेहला ने पुष्टि की कि घटना की सूचना मिलते ही टिंडी के पुलिसकर्मी, स्थानीय प्रशासन के अधिकारी और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा, “बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। पहले तो बचाव दल मलबे से एक घायल व्यक्ति को निकालने में कामयाब रहे। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही घायल ने दम तोड़ दिया।”
शेष यात्रियों को बचाने के प्रयास जारी रहे, जबकि मशीनों का उपयोग करके मलबा हटाने के काम में तेजी लाई गई।
एसपी ने लोगों से भारी बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित मार्गों पर यात्रा करने से बचने का आग्रह किया और उन्हें पहाड़ी क्षेत्र में यात्रा करने से पहले आधिकारिक सलाह का पालन करने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया और जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया। सरकार ने सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और त्रासदी के कारणों की गहन जांच का वादा किया।


Leave feedback about this