केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट पेश किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने केंद्रीय बजट को दिशाहीन और खोखला बताते हुए इसकी आलोचना की है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह बजट किसी भी वर्ग के लिए फायदेमंद साबित नहीं होने वाला है और आम जनता को इससे भारी निराशा हाथ लगी है। हुड्डा ने कहा कि अगर कुल बजट के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो सरकार ने वास्तविक रूप से बजट में कटौती की है और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए राशि आधी कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट देश के विकास की दिशा में आगे बढ़ने के बजाय जनता की उम्मीदों पर पानी फेरने वाला है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में न तो शिक्षा के क्षेत्र के लिए कोई ठोस योजना बनाई गई है और न ही स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कोई विशेष प्रावधान किया गया है। इसके अलावा किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए भी कोई बड़ी राहत की घोषणा नहीं की गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में निराशा बढ़ी है। उन्होंने केंद्र सरकार पर हरियाणा के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले भी राज्य को नजरअंदाज किया गया और इस बार के बजट में भी हरियाणा के लिए कोई विशेष पैकेज या परियोजना की घोषणा नहीं की गई है।
हुड्डा ने कहा कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल है, जिसमें जमीनी हकीकत को नजरअंदाज किया गया है।
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि केंद्रीय बजट में हरियाणा का नाम नहीं आया। आवंटन की बात की गई है, लेकिन कोई परियोजना नहीं दी गई, जबकि हरियाणा देश में सबसे ज्यादा जीएसटी दे रहा है और सबसे ज्यादा नेशनल हाईवे को टोल कलेक्शन दे रहा है। भाजपा हरियाणा को बजट में कुछ नहीं दे रही, जबकि केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। हरियाणा प्रदेश को भाजपा की केंद्र सरकार ने अपना टैक्स वसूली केंद्र बना लिया है। जब लेने की बारी आती है, तो दोनों हाथ से लेते हैं, लेकिन जब देने की बारी आती है, तो एक चुटकी भी नहीं। ना एयरपोर्ट, ना मेट्रो, ना रेल, ना खेल, ना पढ़ाई, ना दवाई – कहीं तो बजट में कुछ जिक्र करके हमारे प्रदेश को भी दिया जाता। केंद्र की भाजपा सरकार हरियाणा के साथ सौतेला व्यवहार क्यों कर रही है?


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