9 मार्च मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदाताओं के नाम शामिल किए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए प्रमाण सहित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्य प्रदेश को ज्ञापन सौंपा और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की।
दिग्विजय सिंह ने ज्ञापन में कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध करना है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर 100 प्रतिशत भौतिक सत्यापन किया जाना होता है, ताकि मृत अथवा प्रवासी व्यक्तियों के नाम हटाए जा सकें और नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जा सकें। लेकिन नरेला विधानसभा क्षेत्र में इस प्रक्रिया की मंशा के विपरीत बड़ी संख्या में फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े जाने के प्रमाण सामने आए हैं।
उन्होंने कहा कि नरेला विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी मनोज शुक्ला ने मतदाता सूची की जमीनी स्तर पर जांच कर यह पाया कि 21 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची में कई ऐसे मतदाताओं के नाम दर्ज कर दिए गए हैं जो संबंधित पते पर निवास ही नहीं करते। इस संबंध में जिन मकान मालिकों के पते पर फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं, उनमें रतन कॉलोनी, करोंद, भोपाल के निवासी पोखनलाल साहू (मकान नंबर 2), कमलेंद्र कुमार गुप्ता (मकान नंबर 10), और हमीर सिंह यादव (मकान नंबर 21) शामिल हैं।
इन मकान मालिकों ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष शपथपूर्वक बताया कि उनके मकान के पते पर कई नाम दर्ज हैं। पोखनलाल साहू के घर में केवल 6 लोग रहते हैं, लेकिन एसआईआर के बाद जारी सूची में उनके पते पर लगभग 65 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं।
इसी तरह, हमीर सिंह यादव के घर में 4–5 लोग रहते हैं, लेकिन उनके मकान के पते पर लगभग 45 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। एक अन्य मामले में, कमलेंद्र कुमार गुप्ता के घर में केवल 8 सदस्य हैं, लेकिन पहली सूची में 70 नाम दर्ज पाए गए और एसआईआर के बाद भी 40–45 नाम उनके पते पर बने हुए हैं।
मकान मालिकों का कहना है कि इन नामित व्यक्तियों को वे पहचानते तक नहीं हैं और वे कभी उनके मकान में निवास नहीं करते। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि भविष्य में यदि कोई आपराधिक या अन्य घटना घटती है तो अनावश्यक रूप से उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
दिग्विजय सिंह ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मांग की कि मकान मालिकों द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्रों के आधार पर इन फर्जी मतदाताओं के नाम तत्काल मतदाता सूची से विलोपित किए जाएं तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित की जाए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्य प्रदेश ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जो शिकायत और प्रमाण प्रस्तुत किए गए हैं उनकी विधिवत जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

