देहरा वन विभाग ने लकड़ी तस्करों के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई में, एक सप्ताह के भीतर लगभग ढाई घंटे तक चले गहन तलाशी अभियान के बाद प्रतिबंधित लकड़ी की प्रजातियों से लदे तीन ट्रैक्टर-ट्रेलर जब्त किए हैं
देहरा के संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) सनी वर्मा को गुरुवार को सूचना मिली कि पिकअप वाहनों में देहरा क्षेत्र से अवैध रूप से लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलने पर उन्होंने एक टीम के साथ हनुमान चौक पर एक चेकपॉइंट स्थापित किया और ब्लॉक अधिकारी को इस अभियान में शामिल होने का निर्देश दिया।
जाँच के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि लकड़ी तस्कर संगठित तरीके से काम कर रहे थे। बिना नंबर प्लेट वाली लकड़ी से लदी एक गाड़ी देखी गई। वन विभाग की टीम ने गाड़ियों को रुकने का इशारा किया, लेकिन वे हरिपुर रोड की ओर तेजी से भाग गईं। हरिपुर, सदवान, बंखंडी और देहरा की टीमों को तुरंत सतर्क किया गया और देहरा तथा हरिपुर के बीच नाकाबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया।
लगभग ढाई घंटे की निरंतर मशक्कत के बाद, वन अधिकारियों ने तीन ट्रैक्टर-ट्रेलरों को रोका। इन वाहनों में सिरिस और कंबल सहित प्रतिबंधित और गैर-छूट प्राप्त लकड़ियों की प्रजातियों को वन नियमों का उल्लंघन करते हुए पंजाब ले जाया जा रहा था।
वर्मा ने कहा कि इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि केवल चार प्रजातियों – चिनार, सफेदा (यूकेलिप्टस), लासिनी और जापानी शहतूत – को ही काटने की अनुमति है। बिना अनुमति के किसी भी अन्य प्रजाति को काटना या उसका परिवहन करना पूरी तरह से अवैध है।
उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित प्रजातियों के अवैध कटाई में शामिल पाए जाने पर भूस्वामियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भूस्वामियों से नियमों का पालन करने और गैरकानूनी गतिविधियों का समर्थन न करने का आग्रह किया।
रेंजर अधिकारी (नाग्रोटा सुरियां) सुरेंद्र सैनी, ब्लॉक अधिकारी (देहरा) पवन, ब्लॉक अधिकारी (बांखंडी) वीरेंद्र, डिप्टी रेंजर सुनील, वन रक्षक अभिषेक (बांखंडी), संदीप (मसरूर बीट), रतन (त्रिपाल बीट), कुलदीप और आशीष (हरिपुर) के साथ-साथ वन विभाग के अन्य कर्मियों ने इस अभियान में भाग लिया।


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