July 18, 2026
National

सोनम वांगचुक मामले पर टीकाराम जूली का तंज, ‘तानाशाही से आंदोलन खत्म करना चाह रही सरकार’

Tikaram Jully takes a dig at the Sonam Wangchuk issue: ‘Government trying to crush the movement through dictatorship’

18 जुलाई । राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने सोनम वांगचुक के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने करीब 20 दिनों तक प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित करने का कोई प्रयास नहीं किया। अब तानाशाहीपूर्ण रवैया से आंदोलन को खत्म करना चाहती है। इस तरह सरकार को नहीं करना चाहिए।

राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि न तो कोई मंत्री, न भाजपा का कोई पदाधिकारी और न ही कोई सरकारी अधिकारी वांगचुक से मिलने पहुंचा। जब उनकी तबीयत को लेकर देश-विदेश में चिंता बढ़ी और जनता का दबाव बना, तब सरकार ने उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाकर अलोकतांत्रिक और तानाशाहीपूर्ण रवैया अपनाया। धरने में शामिल लोगों के साथ मारपीट की गई। इस तरह का काम निंदनीय है।

उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर के रूप में आईपीएस अधिकारी अनुराग कुमार की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी नियुक्तियां पहले से तय एजेंडे के तहत की जाती हैं। सरकार स्वायत्त संस्थानों में ऐसे लोगों को नियुक्त करती है जो उसके निर्देशों का पालन करें। उनके अनुसार, सरकार संविधान की भावना से अधिक राजनीतिक निष्ठा को प्राथमिकता देती है।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर भी जूली ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को वास्तव में ऐसा कानून आवश्यक लगता है, तो इसे पूरे देश में समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। भाजपा केवल अपने शासित राज्यों में इस कानून को लागू कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। संविधान सभी नागरिकों को उनके धर्म, रीति-रिवाज और परंपराओं के अनुसार जीवन जीने का अधिकार देता है और इस व्यवस्था को चुनौती देना संविधान की मूल भावना के विपरीत है। सरकार का उद्देश्य कानून बनाना नहीं बल्कि चुनावी लाभ हासिल करना है।

गौशालाओं में कथित अनियमितताओं पर भी विपक्ष के नेता ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले भी सरकारी अनुदान प्राप्त करने के लिए फर्जी गायें दिखाने के मामले सामने आ चुके हैं और उनकी जांच भी हुई थी। यदि ऐसे मामले दोबारा सामने आ रहे हैं तो सरकार को गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए। एक ओर गायों की मौत हो रही है, जबकि दूसरी ओर कुछ लोग सरकारी अनुदान के लिए धोखाधड़ी कर रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की।

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