15 जुलाई । बॉलीवुड में कुछ डायलॉग ऐसे होते हैं, जो दर्शकों की यादों का हिस्सा बन जाते हैं। ऐसा ही एक फिल्म ‘दामिनी’ का डायलॉग है- ‘ढाई किलो का हाथ’, जिसे सुनते ही आज भी लोगों के जेहन में सनी देओल का दमदार अंदाज सामने आ जाता है। हालांकि जब किसी कलाकार को इस आइकॉनिक डायलॉग को दोबारा पर्दे पर पेश करने का मौका मिलता है, तो उसके सामने एक बड़ी चुनौती होती है।
अभिनेत्री तिलोत्तमा शोम ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में बताया कि अपनी नई फिल्म ‘इक्का’ में इस डायलॉग को बोलना उनके लिए कैसा अनुभव रहा।
आईएएनएस से बातचीत में तिलोत्तमा शोम ने बताया कि शुरुआत में वह इस डायलॉग को बोलने को लेकर थोड़ी झिझक रही थीं और उन्होंने निर्देशक से कहा था कि शायद इसे खुद सनी देओल ही बोलें, तो ठीक रहेगा। हालांकि, सनी देओल ने उन्हें हौसला दिया और कहा कि वह इसे अपने तरीके से पेश करें।
तिलोत्तमा ने कहा, ”सच कहूं तो जब मैं सेट पर थी, तब मैं न तो बहुत नर्वस थी और न ही बहुत ज्यादा उत्साहित। मैं कहीं बीच की स्थिति में थी। मुझे पता था कि यह एक बहुत ही लोकप्रिय डायलॉग है। मैंने निर्देशक को यह समझाने की कोशिश भी की थी कि शायद सनी देओल को ही यह डायलॉग बोलना चाहिए लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुए।”
उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने खुद सनी देओल से बात की और उनसे पूछा कि क्या उन्हें इस बात से कोई परेशानी होगी कि कोई और कलाकार उनका आइकॉनिक डायलॉग बोले।
अभिनेत्री ने कहा, ‘मैंने सनी देओल से पूछा कि क्या उन्हें कोई आपत्ति है कि मैं उनका इतना मशहूर डायलॉग बोलूं, तो इस पर उन्होंने कहा, ‘मुझे क्यों आपत्ति होगी? इस डायलॉग को अपने तरीके से कहो।’ जब मुझे सनी सर और बाकी लोगों से इतना समर्थन मिला, तो मैंने उस डायलॉग को अपना बना लिया। मैंने कभी उनकी नकल करने या उनसे आगे निकलने की कोशिश नहीं की। मेरे मन में ऐसा कोई विचार नहीं था।”
तिलोत्तमा ने सनी देओल के साथ काम करने के अपने अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने बताया, ‘सनी देओल बहुत शांत इंसान हैं, और मैं भी कुछ ऐसी ही हूं। अक्सर लोग सोचते हैं कि कलाकार कैमरे के सामने आते हैं, इसलिए वे स्वभाव से बहुत ज्यादा बोलने वाले होंगे लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे सनी देओल की यह बात बहुत पसंद आई कि उनकी खामोशी भी सकारात्मक ऊर्जा देती है। कई बार किसी व्यक्ति की चुप्पी माहौल को असहज बना सकती है, लेकिन उनकी चुप्पी आसपास के लोगों को आराम महसूस कराती है। जब भी हमारी बातचीत हुई, वह हमेशा विनम्र, सम्मान देने वाले और बेहद सहयोगी रहे। वह सच में एक बेहतरीन व्यक्ति हैं।”
फिल्म ‘इक्का’ में तिलोत्तमा शोम ने मधुरा बनर्जी नामक एक पब्लिक प्रॉसिक्यूटर यानी सरकारी वकील का किरदार निभाया है। फिल्म में उनका मुकाबला सनी देओल के किरदार अर्जुन मेहरा से होता है, जो एक डिफेंस लॉयर की भूमिका में हैं। कोर्टरूम ड्रामा पर आधारित इस फिल्म में दोनों किरदारों के बीच विचारों और तर्कों की जबरदस्त टक्कर देखने को मिलती है।
इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी ‘इक्का’ में सनी देओल और तिलोत्तमा शोम के अलावा अक्षय खन्ना और दिया मिर्जा भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं। यह थ्रिलर फिल्म 10 जुलाई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई।

