मंडी जिले में शुक्रवार को हुई भारी बारिश के कारण किरतपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर द्वाड़ा और थलोट के बीच पहाड़ी ढलानों से पत्थर गिरने लगे, जिसके चलते अधिकारियों को मौसम सुधरने तक यातायात रोकना पड़ा। लगातार बारिश के कारण राजमार्ग पर यात्रा करना बेहद जोखिम भरा हो गया है, जिससे प्रभावित हिस्से के दोनों ओर लंबा जाम लग गया है।
अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी ढलानों से पत्थर और मलबा लगातार गिर रहा है, जिससे यात्रियों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है। राजमार्ग पर फंसे वाहन चालकों को धैर्य रखने और घटनास्थल पर तैनात स्थानीय प्रशासन और पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
अधिकारियों ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से आग्रह किया है कि वे भारी बारिश के दौरान किरतपुर-मनाली राजमार्ग पर अनावश्यक यात्रा से बचें। कुल्लू, मनाली या अन्य गंतव्यों की यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जांच कर लें, क्योंकि आगे की बारिश से भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
खराब मौसम के कारण मंडी जिले में सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भूस्खलन, मलबा गिरने और लगातार बारिश से हुई क्षति के चलते 66 सड़कें अवरुद्ध हो गईं। प्रभावित मार्गों को खोलने और मलबा हटाने के लिए सड़क मरम्मत दल तैनात किए गए हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण मरम्मत कार्य में बाधा आ रही है।
प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है और लोगों से पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने की अपील की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे ढलान वाले खतरनाक स्थानों के पास न रुकें, आधिकारिक निर्देशों का पालन करें और सामान्य यातायात बहाल होने तक अधिकारियों के साथ सहयोग करें। अधिकारियों ने कहा कि मौसम अनुकूल होते ही बहाली का काम फिर से शुरू हो जाएगा, जबकि आपातकालीन टीमें मानसून की बारिश से होने वाली किसी भी घटना से निपटने के लिए सतर्क रहेंगी।


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