N1Live National बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर दिल्ली में जनजातीय समाज का भव्य समागम, नेताओं ने यूसीसी पर दी सफाई
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बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर दिल्ली में जनजातीय समाज का भव्य समागम, नेताओं ने यूसीसी पर दी सफाई

Tribal community holds grand gathering in Delhi to mark Birsa Munda's 150th birth anniversary; leaders clarify UCC

दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित ‘जनजातीय सांस्कृतिक समागम’ में देशभर से पहुंचे जनजातीय समुदायों के लोगों ने अपनी संस्कृति, परंपरा और एकता का शानदार प्रदर्शन किया। बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय मंत्री, सांसद और दिल्ली सरकार के नेता शामिल हुए।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज देशभर के जनजातीय समाज के लोग दिल्ली में एकत्र हुए और यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का बेहतरीन उदाहरण बना। उन्होंने सभी जनजातीय भाइयों-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लाल किला मैदान में आज पूरे भारत की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली।

दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कार्यक्रम को बेहद भव्य और ऐतिहासिक बताया। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि जनजातीय समाज के बीच यह भ्रम फैलाया जा रहा था कि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने के बाद उनके अधिकार और परंपराएं खत्म हो जाएंगी, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में साफ कर दिया कि जनजातीय समाज को किसी भी तरह से यूसीसी के दायरे में नहीं लाया जाएगा।

भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि देशभर के 500 से ज्यादा जनजातीय समुदायों ने दिल्ली पहुंचकर बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई। उन्होंने कहा कि जब पारंपरिक वेशभूषा में लोग ढोल-नगाड़ों के साथ नाचते-गाते नजर आए तो ऐसा लगा जैसे पूरा भारत एक जगह इकट्ठा हो गया हो।

वहीं, भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि देशभर के 550 से अधिक जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि दिल्ली पहुंचे। उन्होंने बताया कि अनुमान लगाया गया था कि कार्यक्रम में करीब एक लाख लोग आएंगे, लेकिन संख्या लगभग दोगुनी हो गई। मनोज तिवारी ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश को यह संदेश देना है कि अब जनजातीय समाज धर्मान्तरण के जाल में नहीं फंसेगा। उन्होंने कहा कि आज जनजातीय समाज जाग चुका है और उसका संदेश साफ है कि हम सब एक ही रक्त के हैं और हमें एकजुट रहना है।

उन्होंने कहा कि अमित शाह के भाषण के बाद यूसीसी को लेकर फैला बड़ा भ्रम भी दूर हो गया। जनजातीय समाज की अपनी परंपराएं और कानून हैं, इसलिए उन्हें यूसीसी से अलग रखा गया है। मनोज तिवारी ने कहा कि पिछले दो दिनों से वे लगातार देशभर से आए लोगों का स्वागत कर रहे हैं और सभी बेहद खुश नजर आ रहे हैं। कई लोग इंडिया गेट और लाल किला भी देखने पहुंचे।

भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा, “यह सच है कि दिल्ली में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आदिवासियों का जमावड़ा हुआ है। वनवासी कल्याण आश्रम और जनजाति सुरक्षा मंच जैसे संगठनों ने इस कार्यक्रम में अहम योगदान दिया है। देश भर में मौजूद करीब 740 आदिवासी समुदायों में से, कई समुदायों के प्रतिनिधियों ने यहां हिस्सा लिया, जिससे यह आदिवासी समाजों का एक सच्चा संगम बन गया। हम इसे एक भव्य सांस्कृतिक समागम कह सकते हैं, जहां लोग अपने पारंपरिक पहनावे और रीति-रिवाजों के साथ एक साथ आए। यह सचमुच एक अद्भुत नजारा था, और हमें बहुत खुशी है कि पूरा समुदाय एक मंच पर इकट्ठा हुआ।”

केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके ने कहा कि बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित इस समागम से एक बड़ा संदेश गया है। उन्होंने कहा कि जो लोग धर्मांतरण कर चुके हैं और जो दूसरों का धर्म परिवर्तन करा रहे हैं, उन्हें जनजातीय सूची से बाहर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज देशभर से आए जनजातीय समाज के लोगों ने इसी आवाज को बुलंद किया है।

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