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बेटे लक्ष्य का पिता बनने के सफर पर बोले तुषार कपूर, कहा-‘जब चाहा तभी पिता बना, वह मेरे लिए आशीर्वाद की तरह’

Tusshar Kapoor opens up about his journey to becoming a father to his son Laksshya, saying, "I became a father exactly when I wanted to; he is like a blessing to me."

बॉलीवुड अभिनेता तुषार कपूर ने अपने बेटे लक्ष्य के साथ अपने रिश्ते और पिता बनने के अनुभव को लेकर खुलकर बात की। तुषार कपूर उन कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने सिंगल फादर के तौर पर अपने बच्चे की परवरिश करने का फैसला लिया। साल 2016 में वह सरोगेसी के जरिए पिता बने।
आईएएनएस से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि बेटे के बचपन से लेकर उसके बड़े होने तक का सफर उनके लिए कैसा रहा और उन्होंने सिंगल पैरेंट के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को किस तरह निभाया।

तुषार कपूर ने अपने बेटे के बचपन की एक दिलचस्प याद आईएएनएस संग साझा की। उन्होंने कहा, ”करीब दो-तीन साल पहले जब लक्ष्य पहली बार मेरे शूटिंग सेट पर आया था, तो वहां वैनिटी वैन देखकर वह बेहद खुश हो गया था। वह वैनिटी वैन के अंदर स्लाइड करने लगा था। बेटे को इस तरह खुश देखकर मुझे भी काफी अच्छा लगा था।”

तुषार कपूर के आगे कहा, “जब लक्ष्य छोटा था, तब मैं उसकी जरूरतों की हर चीज का खास ध्यान रखता था। मैं उसको गोद में लेकर बाहर घुमाने जाता था और पार्टियों में भी साथ लेकर जाता था। कई बार मैं खुद लक्ष्य को तैयार करता था और उसकी सफाई का भी ध्यान रखता था। मेरे पास मदद के लिए लोग जरूर हैं लेकिन मैंने बेटे की परवरिश से जुड़े कई कामों की जिम्मेदारी खुद संभाली है।”

अभिनेता ने कहा, ”मैं लक्ष्य की पढ़ाई और स्कूल से जुड़े कामों पर भी ध्यान देता हूं। उसके लिए पार्टियों का आयोजन करना, जरूरी चीजों की व्यवस्था करना और वैक्सीनेशन जैसी चीजों का ध्यान भी रखना होता है। हालांकि, अब लक्ष्य बड़ा हो चुका है तो वह कुछ चीजों का ध्यान खुद से रखने लगा है।”

सिंगल पैरेंट के तौर पर आने वाली मुश्किलों के सवाल पर तुषार ने कहा, ”मैंने कभी पिता बनने को किसी बोझ या परेशानी के रूप में नहीं देखा। मेरे लिए यह जिम्मेदारी से ज्यादा एक ऐसा अनुभव था जिसे मैंने खुशी के साथ अपनाया। मैं 40 साल की उम्र में पिता बना था और उस समय तक मैं इस फैसले को लेकर पूरी तरह स्पष्ट था।”

तुषार ने कहा, ”अगर 40 साल की उम्र में भी कोई व्यक्ति यह तय नहीं कर पाता कि वह पिता बनना चाहता है या नहीं, तो फिर उसके फैसले पर सवाल उठना स्वाभाविक है। मैंने पिता बनने का फैसला तभी लिया जब मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार था। इसलिए मुझे इस बात का डर कभी नहीं रहा कि मैं सिंगल फादर के रूप में बच्चे की परवरिश कैसे करूंगा।”

अभिनेता ने अपने बेटे के जन्म को अपनी जिंदगी में आए एक आशीर्वाद की तरह बताया। उन्होंने कहा, ”जब लक्ष्य मेरी जिंदगी में आया तो मैंने उसे पूरी तरह स्वीकार किया। उसका आना एक आशीर्वाद की तरह था, जिसने मेरी पूरी दुनिया को बदल दिया और जिंदगी को एक नया अर्थ दिया।’

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