August 27, 2026
National

ट्विशा शर्मा केस: पिता ने कानूनी सहायता प्रणाली से जुड़े वकीलों की भूमिका की जांच की मांग की

Twisha Sharma case: Father demands an inquiry into the role of lawyers associated with the legal aid system.

बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच जारी है। इसी बीच, ट्विशा के पिता ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है और ‘लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम’ से जुड़े कुछ वकीलों की भूमिका की जांच की मांग की है।

ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विवेक रूसिया के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने कानूनी सहायता प्रणाली से जुड़े कुछ वकीलों और एक अधिकारी की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था के तहत नियुक्त कुछ वकील आरोपी पक्ष का समर्थन करते नजर आए। शिकायत के अनुसार, इन वकीलों की नियुक्ति भोपाल में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में गिरिबाला सिंह के कार्यकाल के दौरान हुई थी।

शर्मा ने शिकायत के साथ एक तस्वीर भी सौंपी है, जिसमें ‘लीगल एड डिफेंस काउंसिल’ स्कीम के असिस्टेंट एडवोकेट श्रेयस सक्सेना को समर्थ सिंह की शादी में नाचते हुए दिखाया गया है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि 15 मई को अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सक्सेना कोर्ट में आरोपी के निजी वकील के साथ मौजूद थे। ट्विशा शर्मा के पिता ने ‘चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल’ रीना वर्मा का नाम भी शिकायत में शामिल किया है।

शर्मा ने सवाल उठाया है कि जब आरोपी के पास पहले से निजी वकील मौजूद था, तो लीगल एड वकीलों ने सक्रिय भूमिका क्यों निभाई। इसके अलावा, ब्यूटी पार्लर और बाद में विवाह समारोह में देखे गए एक अज्ञात व्यक्ति की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।शिकायत में उस व्यक्ति की पहचान तथा घटनाक्रम में उसकी भूमिका को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

अदालत में ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील अंकुर पांडे ने आईएएनएस से कहा कि यह मामला संबंधित अधिकारियों के समक्ष रख दिया गया है। पांडे ने शुक्रवार को कहा, “हमने संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेज दी है और अब इस मामले में कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।”

शिकायत में लीगल एड वकीलों की भूमिका और आरोपी के साथ उनके कथित संबंधों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। साथ ही, अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान हुए कानूनी प्रतिनिधित्व की समीक्षा करने की भी मांग की गई है।

इस बीच, ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच जारी है। पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 16 जून को समाप्त हो रही है। एजेंसी उस दिन दोनों को अदालत में पेश करेगी, जहां यह तय किया जाएगा कि उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाई जाए या आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड दिया जाए। सीबीआई ने पहले अदालत को बताया था कि आवश्यकता पड़ने पर वह रिमांड की मांग करेगी। हालांकि, 2 जून को भोपाल सेंट्रल जेल भेजे जाने के बाद से अब तक किसी रिमांड की मांग नहीं की गई है।

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