July 14, 2026
National

ट्विशा शर्मा मौत मामला: पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और बेटे समर्थ की न्यायिक हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ी

Twisha Sharma death case: Judicial custody of former District Judge Giribala Singh and her son Samarth extended until July 28.

भोपाल की एक अदालत ने मंगलवार को ट्विशा शर्मा मौत मामले में पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ा दी। यह फैसला तब लिया गया, जब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने अदालत को बताया कि दोनों आरोपियों ने अपने आवाज के नमूने लेने की प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया।

कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। सीबीआई ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए कोर्ट को बताया कि दोनों ने 6 जुलाई को वॉयस सैंपल लेने की प्रक्रिया के दौरान सहयोग नहीं किया था। ट्विशा शर्मा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने बताया कि समर्थ सिंह ने अपना वॉयस सैंपल देने से इनकार कर दिया, जबकि गिरिबाला सिंह ने शुरू में एक सैंपल तो दिया, लेकिन बाद में प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से मना कर दिया।

वकील अंकुर पांडे ने सुनवाई के बाद मीडिया को बताया, “सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि दोनों आरोपियों ने वॉयस सैंपल लेने के दौरान सहयोग नहीं किया और उनकी न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। एजेंसी की बात मानते हुए कोर्ट ने उनकी हिरासत 28 जुलाई तक बढ़ा दी।”

कोर्ट ने पीड़ित परिवार की ओर से दायर उस अर्जी पर भी सुनवाई की, जिसमें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की कॉपी मांगी गई थी। परिवार के वकीलों के मुताबिक एम्स भोपाल ने कोर्ट को बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और उससे जुड़े दस्तावेज पहले ही सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंपे जा चुके हैं, इसलिए उन्हें अलग से नहीं दिया जा सकता। एम्स दिल्ली ने अभी तक ऐसी ही एक और मांग का कोई जवाब नहीं दिया है।

सूत्रों ने बताया कि एम्स दिल्ली के पांच सदस्यों वाले मेडिकल बोर्ड ने 10 जुलाई को अपनी फाइनल फोरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंपी। हालांकि रिपोर्ट की बातें सार्वजनिक नहीं की गई हैं, लेकिन उम्मीद है कि जांच में इसकी अहम भूमिका होगी।

गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को सीबीआई हिरासत खत्म होने के बाद 2 जून से भोपाल सेंट्रल जेल में रखा गया है।

ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थी। ससुराल वालों का दावा था कि ट्विशा ने आत्महत्या की, वहीं मायके वालों का आरोप था कि उनकी हत्या की गई यह मामला तब अहम हो गयाm जब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पीड़ित परिवार की आपत्तियों के बाद एम्स दिल्ली से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश दिया। परिवार ने गिरिबाला सिंह के प्रभाव के कारण पहले पोस्टमॉर्टम पर सवाल उठाए थे।

बाद में हाईकोर्ट ने 25 मई को जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई फोरेंसिक सबूतों, डिजिटल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों की जांच कर रही है। चार्जशीट दाखिल करने की कानूनी समय-सीमा नजदीक आने के साथ ही जांच एक अहम चरण में पहुंच गई है और उम्मीद है कि एजेंसी जल्द ही अपनी जांच के नतीजे अदालत के सामने पेश करेगी।

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