कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर उपमंडल में 16 वर्षीय अभिलाष की रहस्यमय मौत के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है और तीसरे संदिग्ध को, जिसका इलाज डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, टांडा में चल रहा है, निगरानी में रखा है। पुलिस ने बताया कि एक फोरेंसिक टीम जयसिंहपुर के पास तलवार स्थित मंदिर परिसर का दौरा करेगी, जहां कथित तौर पर युवकों ने एक रात बिताई थी, ताकि नमूने और अन्य सबूत एकत्र किए जा सकें। जांच 26 अगस्त की रात की घटनाओं पर केंद्रित है, जब अभिलाष कथित तौर पर सुजानपुर में तीन युवकों से मिला था। पुलिस के अनुसार, वह बाद में उनके साथ तलवार गया, जहां कथित तौर पर उसे जहरीला पदार्थ दिया गया था।
बाद में वह किशोर अकेले बस में यात्रा करते हुए पाया गया, और ऐसा प्रतीत होता है कि वह नशे की हालत में था। जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि युवकों से उसकी मुलाकात और अकेले पाए जाने के बीच क्या हुआ था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, फोन कॉल रिकॉर्ड और मोबाइल फोन लोकेशन डेटा का उपयोग करके घटनाक्रम के कुछ हिस्सों का पुनर्निर्माण किया है। जांचकर्ताओं ने बताया कि अब तक जुटाए गए सबूतों से संकेत मिलता है कि अभिलाष और तीनों युवक तलवार के एक मंदिर के पास एक साथ थे।
पुलिस के अनुसार, युवक पूरी रात मंदिर परिसर में ही रहे और कथित तौर पर नशीले पदार्थों का सेवन किया। अगले दिन अभिलाष सड़क किनारे मिला, जिसके बाद उसके परिवार को सूचना दी गई। जांच की निगरानी कर रहे डीएसपी, बैजनाथ संदीप शर्मा ने कहा कि पुलिस टीमें विभिन्न स्थानों से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही हैं और उन लोगों से पूछताछ कर रही हैं जो युवकों की गतिविधियों के बारे में जानकारी दे सकते हैं।
तीसरा संदिग्ध अतुल, टांडा मेडिकल कॉलेज में इलाज करा रहा है। पुलिस उस पर कड़ी नजर रख रही है और डॉक्टरों द्वारा पूछताछ के लिए स्वस्थ घोषित किए जाने पर उससे पूछताछ शुरू करने की उम्मीद है। गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों से पूछताछ में इस बात पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है कि चारों क्यों मिले, सुजानपुर छोड़ने के बाद वे कहां गए, तलवार में क्या हुआ और कथित जहरीले या नशीले पदार्थ का स्रोत क्या था।
मंदिर परिसर की फोरेंसिक जांच बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जांचकर्ताओं द्वारा ऐसे पदार्थों के निशान, उंगलियों के निशान और अन्य भौतिक साक्ष्य तलाशने की उम्मीद है जो आरोपियों के बयानों की पुष्टि या खंडन कर सकें। घटनाक्रम में अभी भी कई महत्वपूर्ण कमियां मौजूद होने के कारण, पुलिस हर संभव पहलू की जांच कर रही है।

