रविवार शाम को नाथ दी खुई और राय में महज 30 मिनट के अंतराल में हुई दो गोलीबारी की घटनाओं के बाद अमृतसर के ग्रामीण इलाकों में दहशत फैल गई है, जिनका संबंध कथित तौर पर जबरन वसूली के प्रयासों से है। जानकारी के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने शाम करीब 6:32 बजे नाथ दी खुई के पास धल्ला ज्वैलर्स के बाहर गोलीबारी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि यह दुकान चानांके गांव के अंग्रेज सिंह की है, जो हमलावरों के निशाने पर थे। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में दहशत फैल गई है।
इसके तुरंत बाद, शाम करीब 7 बजे, ब्यास थाना क्षेत्र के राय्या में स्थित कजारिया शोरूम के बाहर दो मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने कथित तौर पर करीब आठ गोलियां चलाईं। यह शोरूम वार्ड नंबर 4 से अकाली दल के उम्मीदवार और दिवंगत एसजीपीसी सदस्य और राय्या नगर समिति के पूर्व अध्यक्ष गुरविंदर पाल सिंह राय्या के पुत्र हरप्रीत सिंह हैप्पी का है।
सूत्रों ने दावा किया कि हरप्रीत को पहले भी जबरन वसूली की धमकियां मिली थीं। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर जबरन वसूली के पहलू की पुष्टि नहीं की है, लेकिन दोनों घटनाओं ने पंजाब में बढ़ती गैंगस्टरों की गतिविधियों और लक्षित फायरिंग की घटनाओं को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
लगातार हुई गोलीबारी की घटनाओं ने राजनीतिक स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कीं। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार पर अपराध नियंत्रण में विफल रहने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य भर के व्यापारी भय के साये में जी रहे हैं।
मजीठिया ने कहा कि पंजाब में गोलीबारी, जबरन वसूली और गैंगस्टरों की गतिविधियां तेजी से “सामान्य बात” बनती जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारी और आम नागरिक लगातार डर के साये में जी रहे हैं, जबकि अपराधी सार्वजनिक स्थानों पर बेखौफ होकर अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।
माझा क्षेत्र के व्यापारियों ने भी व्यापारियों को निशाना बनाकर की जा रही जबरन वसूली की धमकियों और गोलीबारी की घटनाओं में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की। पुलिस टीमें दोनों घटनास्थल पर पहुंचीं और जांच शुरू की। हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। देर शाम तक किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं थी।


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