हिमाचल प्रदेश सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि दो वरिष्ठ अधिकारियों को कुल्लू जिले से स्थानांतरित कर दिया गया है, उन पर आरोप है कि उन्होंने 2025 में वहां रेव पार्टियों की अनुमति देने में भूमिका निभाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 27 जुलाई को डिप्टी कमिश्नर (डीसी) अनुराग चंद्र शर्मा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) मदन लाल की याचिकाओं पर संज्ञान लेते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी थी जिसमें उनके खिलाफ एसआईटी गठित करने और एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
हालांकि, इसने उच्च न्यायालय के उस आदेश के हिस्से पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था जिसमें उन्हें अन्य जिलों में स्थानांतरित करने का प्रावधान था।
सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा वी मोहना की पीठ को हिमाचल प्रदेश के महाधिवक्ता अनूप रतन ने सूचित किया कि आदेशों के अनुसरण में अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। 24 जून को उच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में जिला अधिकारियों और बड़े पैमाने पर आयोजित रेव पार्टियों के आयोजकों के बीच कथित सांठगांठ का गंभीर संज्ञान लिया था।
अदालत ने उप-विभागीय मजिस्ट्रेट समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले का आदेश दिया था, एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था और मामले की जांच के लिए उप महानिरीक्षक से कम रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आदेश दिया था। सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय को सूचित किया गया कि एसडीएम का भी तबादला कर दिया गया है।

