भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि देश में यूजीसी (समान नागरिक संहिता) कानून लागू होना समाज के लिए अमृत साबित होगा। यह एक तरीके से ‘मदर ऑफ ऑल रिफॉर्म्स’ साबित होगा। इसके लिए मजहब और मुल्क की सीमा नहीं, बल्कि यह हर व्यक्ति के लिए है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यूसीसी के खिलाफ सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है। इसलिए इसका समाधान होना चाहिए और आम लोगों तक चर्चा की दृष्टि से आगे बढ़ना चाहिए।
मोहन भागवत की टिप्पणी का समर्थन करते हुए भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े लोग हर मुद्दे को गंभीरता से लेते हैं, चाहे वह राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो, आर्थिक हो या सामाजिक। वे लोगों की नब्ज, जनता की सोच और भावनाओं को समझते हैं और सभी मुद्दों पर तर्क व तथ्यों के साथ आगे बढ़ते हैं। मेरा मानना है कि कॉमन सिविल कोड (यूसीसी), जिसकी कल्पना हमारे संविधान बनाने वालों ने की थी और सरकारों को इस दिशा में काम करने का निर्देश दिया था, आज खासकर प्रासंगिक है, क्योंकि देश आजादी का अमृत काल मना रहा है।”
वीर सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर विवाद को लेकर मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “मुझे लगता है कि कांग्रेस पार्टी एक ऐसी पार्टी बन गई है जो हर मुद्दे में अपना राजनीतिक मसाला डालने की कोशिश करती है। जब भी किसी राष्ट्रवादी या राष्ट्रीय हीरो को सम्मान दिया जाता है, तो कांग्रेस सम्मान के साथ इसे स्वीकार करने के बजाय, अनादर और विरोध करती है।”
उन्होंने कहा कि यह पार्टी दशकों तक सत्ता में रही और सत्ता में रहते हुए उसने देश के सबसे बड़े सम्मानों को एक परिवार और कांग्रेस पार्टी की संपत्ति बना दिया। उस समय किसी ने उनसे सवाल नहीं किया। जहां तक वीर सावरकर की बात है, जो कोई भी देश के लिए उनके बलिदानों और योगदानों को समझना चाहता है, उसे सेल्यूलर जेल जाना चाहिए और कोठरी को देखना चाहिए, जहां वे बंद थे।


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