September 9, 2026
National

उज्जैन: 170 साल पुरानी हनुमान प्रतिमा को नहीं हटा पाया प्रशासन, संत बोले- ये चमत्कार है

Ujjain: Administration unable to remove 170-year-old Hanuman idol; seers call it a miracle.

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की तैयारियों के मद्देनजर हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने की कोशिश को लेकर धार्मिक संतों ने आपत्ति जताई है। फिरोजाबाद में महंत मनीष भारद्वाज और पुजारी रामकुमार ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए प्रतिमा को यथास्थान बनाए रखने या पुनर्निर्माण की मांग की।

महंत मनीष भारद्वाज ने कहा कि जहां-जहां हनुमान जी की प्रतिमाओं के साथ छेड़छाड़ हुई है, वहां उसके दुष्परिणाम सामने आने की मान्यता रही है। हनुमान जी कलयुग के प्रधान देव माने जाते हैं और इसलिए सड़क चौड़ीकरण के नाम पर उनकी प्रतिमा से छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जहां भी हनुमान जी की मूर्ति स्थापित है, उसे हटाने के बजाय यथास्थान उसका पुनर्निर्माण कराया जाए। भारद्वाज ने उज्जैन में प्रतिमा के नहीं हट पाने को धार्मिक आस्था और हनुमान जी की शक्ति से जोड़ते हुए इसे चमत्कार बताया।

महंत ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी अत्यंत शक्तिशाली हैं और उनकी शक्ति की कोई सीमा नहीं है। उन्होंने रामायण से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे देवता की प्रतिमा के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।

पुजारी रामकुमार ने सुंदरकांड के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि हनुमान जी भक्तों के लिए सूक्ष्म से लेकर विशाल स्वरूप तक धारण करने वाले देवता माने जाते हैं। सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के तहत उज्जैन में प्रशासन की ओर से मार्गों को व्यवस्थित और साफ करने की मुहिम चल रही है। इसी प्रक्रिया के दौरान करीब 170 वर्ष पुराने मंदिर की प्रतिमा रास्ते में आने के बाद उसे हटाने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि दो दिनों तक प्रयास के बावजूद प्रतिमा को हटाया या हिलाया नहीं जा सका।

उन्होंने इसे आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि भगवान से प्रार्थना और निवेदन के जरिए धार्मिक कार्य किए जाने चाहिए। रामकुमार ने कहा कि उज्जैन में सामने आया घटनाक्रम स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है और भक्त इसे हनुमान जी की कृपा के रूप में देख रहे हैं।

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