संयुक्त राष्ट्र,संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस इस सप्ताह ‘ब्रिक्स शिखर सम्मेलन’ में भाग लेने के लिए भारत आने वाले हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के अनुसार, इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात होने की उम्मीद है।
मंगलवार (स्थानीय समय) को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान दुजारिक ने कहा कि हालांकि इस यात्रा की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन वह यह पुष्टि कर सकते हैं कि ‘महासचिव ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।’
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि आप उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की उम्मीद कर सकते हैं।”
यह इस साल गुटेरेस की भारत की दूसरी यात्रा होगी और संयुक्त राष्ट्र महासचिव के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान भारत का पांचवां दौरा होगा।
इससे पहले वह फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल हुए थे।
गुटेरेस के लिए, जिनका कार्यकाल अब अपने आखिरी चार महीनों में है, यह संभवतः उन अंतिम मौकों में से एक हो सकता है जब वे महासचिव के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंंग से औपचारिक या अनौपचारिक रूप से मुलाकात कर सकेंगे। इसकी वजह यह है कि पुतिन और शी इस महीने के अंत में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक उच्चस्तरीय बैठक में शामिल नहीं होंगे, लेकिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मौजूद रहेंगे।
दस सदस्यीय ब्रिक्स समूह के नेता ऐसे समय में बैठक कर रहे हैं जब दुनिया दो बड़े संघर्षों, ईरान से जुड़े तनाव और यूक्रेन युद्ध, का सामना कर रही है। इन संघर्षों के दूरगामी प्रभाव पड़ रहे हैं। साथ ही, ये संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को भी प्रभावित कर रहे हैं और दुनिया के कई हिस्सों में खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में खाड़ी क्षेत्र के दो प्रतिद्वंद्वी देशों, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), के नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है।
भारत ने, जो इस शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है, इसकी थीम ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ रखी है। ये ऐसे विचार हैं जिन्हें गुटेरेस पिछले दस वर्षों से संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के रूप में लगातार बढ़ावा देते रहे हैं।
इसके अलावा, 12 सितंबर से शुरू होने वाले ‘ब्रिक्स शिखर सम्मेलन’ में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के भी शामिल होने की उम्मीद है।
ऐसे में, महासचिव के रूप में गुटेरेस के लिए पुतिन और शी से मुलाकात का यह शायद आखिरी मौका हो सकता है, क्योंकि वे इस महीने बाद में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की वार्षिक उच्चस्तरीय बैठक में हिस्सा नहीं लेने वाले हैं।


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