July 21, 2026
National

संसद सत्र के दौरान लंबे समय तक भूख हड़ताल करना सही तरीका नहीं, चर्चा से निकले समाधान: दिलेश्वर कामैत

Undertaking a long hunger strike during the Parliament session is not the right approach; solutions should emerge through discussion: Dileshwar Kamait.

जेडीयू के नेताओं ने संसद के मानसून सत्र, विपक्ष की रणनीति और बिहार की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामैत ने संसद सत्र के दौरान चल रहे विरोध प्रदर्शनों और भूख हड़ताल को लेकर कहा कि हर किसी को अपनी मांगें रखने का अधिकार है, लेकिन संसद सत्र के दौरान लंबे समय तक भूख हड़ताल करना उचित तरीका नहीं है।

जेडीयू सांसद दिलेश्वर कामैत ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि संसद एक ऐसा मंच है, जहां सभी दलों को अपनी बात रखने और जनहित के मुद्दे उठाने का अवसर मिलता है। सरकार संबंधित मुद्दों से अवगत है और उन पर काम कर रही है, इसलिए अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बजाय संसद में चर्चा के माध्यम से समाधान तलाशना चाहिए।

उन्होंने मानसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए हुई सर्वदलीय बैठक का भी जिक्र किया। कामैत ने बताया कि बैठक में विपक्षी दलों से आग्रह किया गया कि वे लोकसभा में जनता से जुड़े मुद्दों और अपनी चिंताओं को उठाएं, लेकिन सदन की कार्यवाही में बाधा न डालें। लोकतंत्र में चर्चा और संवाद के जरिए ही समस्याओं का समाधान संभव है।

वहीं, बिहार के जेडीयू विधायक श्याम रजक ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान देश की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रवींद्रनाथ टैगोर के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम’ ने लोगों में देशभक्ति की भावना जगाई और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

श्याम रजक ने कहा कि इन प्रतीकों का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है और इनके प्रति किसी भी तरह का अनादर देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए श्याम रजक ने आरोप लगाया कि वह अक्सर सदन में मौजूद नहीं रहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी संसद में सक्रिय भूमिका निभाने की होती है और उन्हें जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहिए।

इसके अलावा बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भी श्याम रजक ने दावा किया कि यह सीट एनडीए की परंपरागत सीट रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक नितिन नवीन और उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में एनडीए प्रत्याशी को जनता का समर्थन मिलेगा और पार्टी बड़ी जीत दर्ज करेगी।

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