उद्योग, खेल एवं पर्यटन राज्य मंत्री डॉ. जयरामभाई गामित ने एकता नगर में आयोजित ‘भारत पर्व-2026’ का दौरा कर देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता और “अनेकता में एकता” की भावना को सशक्त बनाने के साथ-साथ वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेंगे।
‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और ‘भारत की शक्ति’ थीम पर आधारित इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों, हस्तशिल्प कारीगरों और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत पर्व के माध्यम से पर्यटकों को देश की विविध लोक संस्कृतियों, परंपराओं और स्वदेशी उत्पादों को निकट से देखने तथा खरीदने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों और छोटे उद्यमियों को नए रोजगार एवं बाजार उपलब्ध होते हैं, जो प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूत बनाने में सहायक हैं। साथ ही, यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने एकता प्रकाशोत्सव के इनडोर सेक्शन में उत्तर, पूर्व, पश्चिम और दक्षिण भारत के चार क्षेत्रीय जोन की कलात्मक प्रस्तुतियों का भी अवलोकन किया। इन प्रदर्शनों में उत्तर भारत के राम मंदिर, हिमालयी संस्कृति तथा पंजाब और राजस्थान की लोककला, पूर्व भारत के असम के बिहू, ओडिशा की स्थापत्य कला और बंगाल की सांस्कृतिक परंपराएं, पश्चिम भारत के गुजरात का गरबा, रानी की वाव, कच्छ का हस्तशिल्प और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक झलक तथा दक्षिण भारत के मीनाक्षी मंदिर, हम्पी और केरल की पारंपरिक बोट रेस को आकर्षक प्रकाश सज्जा के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने परिसर में स्थापित प्रत्येक कलाकृति और प्रकाश सज्जा का बारीकी से अवलोकन किया तथा कलाकारों के प्रयासों की सराहना की। प्रकाशोत्सव के आउटडोर सेक्शन में भी उन्होंने भारतीय जीवन मूल्यों और सनातन संस्कृति को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न प्रकाश रचनाओं को देखा। यहां ‘भारत-सोने की चिड़िया’, ‘समय का चक्र’, योग, दीप टनल, रोशन पुष्प, रंग-बिरंगे गुब्बारे और अन्य आकर्षक प्रकाश प्रतिमाओं ने विशेष रूप से उनका ध्यान आकर्षित किया।
अपने दौरे के दौरान डॉ. गामित ने कहा कि ‘भारत पर्व-2026’ देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, लोक कला, हस्तशिल्प और विविध परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत करने का उत्कृष्ट प्रयास है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पर्यटन, रोजगार और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

