June 25, 2026
Sports

यूनिटी कप: जमैका ने सेमीफाइनल में भारत को 2-0 से हराया, तीसरे स्थान के लिए होगी जिम्बाब्वे से भिड़ंत

Unity Cup: Jamaica beat India 2-0 in the semi-finals, will clash with Zimbabwe for third place

 

लंदन, भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम को द वैली में यूनिटी कप के दूसरे सेमीफाइनल में जमैका से 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। आठवें मिनट में कर्टनी क्लार्क के शानदार शुरुआती स्ट्राइक और 78वें मिनट में काहेम डिक्सन के गोल ने जमैका को फाइनल का टिकट दिलाया।

इंग्लैंड की धरती पर साल 2002 के बाद अपना पहला मैच खेल रही भारतीय टीम अब 30 मई को तीसरे स्थान के प्लेऑफ में जिम्बाब्वे का सामना करेगी। जिम्बाब्वे को पहले सेमीफाइनल में नाइजीरिया के खिलाफ हार झेलनी पड़ी थी। खिताबी मुकाबले में नाइजीरिया की भिड़ंत पिछले साल की तरह ही जमैका से होगी।

इस मैच में कई महत्वपूर्ण व्यक्तिगत पल देखने को मिले। नौफल पीएन और रिकी शाबोंग ने सीनियर नेशनल टीम में डेब्यू किया, जबकि एडमंड लालरिंडिका को भारत के लिए अपना पहला स्टार्ट मिला। जमैका सेमीफाइनल मुकाबले में पूरी तरह से भारत पर हावी रहा और टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

आठवें मिनट में जमैका ने तेज काउंटर अटैक किया और भारतीय डिफेंस को मुश्किल में डाल दिया। इस दौरान गुरप्रीत सिंह संधू को एक टाइट एंगल से शानदार बचाव करना पड़ा और उन्होंने गोल होने से बचा लिया। हालांकि, खतरा पूरी तरह टला नहीं था। भारत अपनी डिफेंसिव लाइन से गेंद को ठीक से क्लियर नहीं कर पाया, और क्लार्क गलत पास को रोककर हाथ आए मौके को भुनाने में सफल रहे। उन्होंने बॉल को अपने दाहिने पैर पर कंट्रोल किया और फिर गुरप्रीत के डाइव करने के बावजूद गेंद को टॉप-राइट कॉर्नर में मारकर शानदार गोल किया।

जमैका ने आत्मविश्वास के साथ अटैक करना जारी रखा, विंग्स से भातरीय डिफेंस को भेदते हुए और बड़ी आसानी से स्पेस का फायदा उठाया। डिक्सन ने मैच के 17वें मिनट में जमैका की बढ़त को लगभग दोगुना कर ही दिया था, लेकिन ग्रुरपीत ने बेहतरीन बचाव करते हुए भारत को मुकाबले में जिंदा रखा।

जैसे-जैसे पहला हाफ आगे बढ़ा, भारत ने धीरे-धीरे अपने खेल पर पकड़ बनानी शुरू की। टीम ने कुछ अच्छे पास और बेहतर गेंद नियंत्रण दिखाया। हालांकि, आखिरी तीसरे हिस्से में टीम की आक्रमण क्षमता कमजोर रही और मौके बनाने में रचनात्मकता की कमी दिखी। रयान विलियम्स, चांगटे और लालरिंडिका मैच पर बड़ा असर डालने में संघर्ष करते दिखे। नतीजा यह रहा कि भारत जमैका के गोलकीपर कोनिया बॉयस-क्लार्क को ज्यादा चुनौती दिए बिना ही हाफ-टाइम तक पहुंच गया।

ब्रेक के बाद भारत ज्यादा आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ खेलता दिखा। 53वें मिनट में जमैका के डिफेंस और गोलकीपर की गलती के बाद भारत को एक बड़ा मौका मिला। रोशन ने एक लूज गेंद को रहीम अली को पास किया, जो हाफ-टाइम के बाद लालरिंडिका की जगह मैदान पर आए थे। इसके बाद छांगते ने गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया, लेकिन अली के ऑफसाइड होने की वजह से यह गोल मान्य नहीं हुआ और भारत ने बराबरी का मौका गंवा दिया।

हालांकि, इस मौके ने मैच का मोमेंटम बदल दिया। भारत अचानक जानदार लगने लगा। खालिद जमील के खिलाड़ियों ने दूसरे हाफ में मैच जीतने की कोशिश की, पिच पर ऊपर की ओर दबाव बनाया और जमैका के डिफेंस को और भी ज्यादा इरादे से परखा। हालांकि, जब भारतीय टीम मैच में वापसी करती दिख रही थी, तभी डिक्सन ने एक जादुई गोल करते हुए भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

अपने घरेलू स्टेडियम में खेल रहे डिक्सन ने 78वें मिनट में एरिया के किनारे के पास बॉल ली और शानदार फुटवर्क से डिफेंडरों को छकाते हुए आगे निकल गए। कंधे पर एक तेज़ ड्रॉप मारकर, उन्होंने जगह बनाई और फिर आकाश मिश्रा के पैरों के बीच से एक शानदार शॉट खेलते हुए गोलकीपर को छकाकर जमैका की बढ़त को 2-0 कर दिया। इसके बाद भारतीय टीम ने प्रयास तो काफी किए, लेकिन टीम मैच में वापसी नहीं कर सकी।

 

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