August 26, 2026
National

यूपी: किसान से रिश्वत लेने के दो मामलों में दो पूर्व बैंक अधिकारियों समेत तीन दोषियों को सजा

UP: Three convicts, including two former bank officials, sentenced in two cases of accepting bribes from a farmer.

उत्तर प्रदेश में किसान ऋण से जुड़े रिश्वतखोरी के दो अलग-अलग मामलों में सीबीआई की विशेष अदालतों ने मंगलवार को दो पूर्व बैंक अधिकारियों समेत तीन दोषियों को चार से पांच साल तक के कारावास की सजा सुनाई है। पहला मामला 12 मार्च 2018 को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दर्ज किया था। इसमें सुल्तानपुर जिले की बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की हरिहरपुर शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक राकेश चंद्र ठाकुर को आरोपी बनाया गया था।

सीबीआई के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 4.25 लाख रुपए के किसान क्रेडिट कार्ड ऋण की पहली किस्त जारी करने के लिए ठाकुर ने उससे 6,000 रुपए रिश्वत मांगी थी। शिकायत के बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और राकेश चंद्र ठाकुर को शिकायतकर्ता से 6,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

जांच पूरी होने के बाद 10 मई 2018 को आरोपपत्र दाखिल किया गया था, जबकि 21 दिसंबर 2020 को अदालत ने आरोप तय किए थे। मंगलवार को लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार निरोधक मामलों की विशेष सीबीआई अदालत ने राकेश चंद्र ठाकुर को पांच वर्ष के कठोर कारावास और 25,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।

दूसरा मामला 11 अगस्त 2016 को दर्ज किया गया था। इसमें महाराजगंज जिले के पूर्वांचल बैंक की परतावल बाजार शाखा के तत्कालीन सहायक प्रबंधक रवि कुमार गुप्ता को आरोपी बनाया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि किसान क्रेडिट कार्ड ऋण मंजूर करने के लिए गुप्ता ने 15,000 रुपए रिश्वत की मांग की थी।

जांच में पता चला कि रवि कुमार गुप्ता ने एक निजी व्यक्ति इंद्रजीत सिंह उर्फ बाबू साहेब के माध्यम से शिकायतकर्ता से 10,000 रुपए रिश्वत स्वीकार की थी। सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया था।

मंगलवार को लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत ने रवि कुमार गुप्ता और इंद्रजीत सिंह को दोषी ठहराते हुए चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों पर 40-40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। सीबीआई ने कहा कि दोनों मामलों में जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर अदालत ने दोषियों को सजा सुनाई।

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