मंगलवार को हुई ताजा बर्फबारी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग-5 कई स्थानों पर अवरुद्ध हो गया, जिससे शिमला, ऊपरी शिमला क्षेत्र और किन्नौर जिले के बीच सड़क संपर्क टूट गया। शिमला जिला प्रशासन के अनुसार, ऐतिहासिक हिंदुस्तान-तिब्बत रोड के नाम से भी जाना जाने वाला यह राजमार्ग कुफरी, फागू और नारकंडा में बर्फ जमा होने के कारण अवरुद्ध हो गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और लंबी देरी हुई।
हिमाचल प्रदेश मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज और येलो अलर्ट के बीच राज्य में बारिश के साथ-साथ ताजा हिमपात भी हुआ। शिमला और आसपास के इलाकों में हल्की हिमपात के साथ बारिश हुई, जिससे कई जगहों पर भारी यातायात जाम लग गया। सैकड़ों वाहन घंटों तक फंसे रहे, जिससे यात्रियों और पर्यटकों दोनों को काफी असुविधा हुई।
पिछले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी हिमपात और बारिश दर्ज की गई। लाहौल और स्पीति तथा किन्नौर जिलों के ऊंचे इलाकों में हल्की से मध्यम हिमपात हुआ। लाहौल और स्पीति में गोंडला में 22 सेंटीमीटर, कोक्सर में 21.3 सेंटीमीटर, कुकुमसेरी में 19 सेंटीमीटर, केलांग में 15 सेंटीमीटर और हंसा में 12.5 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। किन्नौर जिले में कल्पा और सांगला में क्रमशः 5.5 सेंटीमीटर और 1.8 सेंटीमीटर हिमपात हुआ।
कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। शिमला में 12 मिमी, धर्मशाला में 12.2 मिमी, सोलन में 11.2 मिमी, मनाली और कांगड़ा में 10 मिमी और ऊना में 14.4 मिमी बारिश हुई।
मौसम विभाग ने शिमला, कुल्लू, किन्नौर, चंबा और लाहौल एवं स्पीति समेत कई जिलों में अगले कुछ घंटों तक भारी हिमपात और बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान लगाया है। मध्य और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में भी हिमपात और बारिश जारी रहने की संभावना है। कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, मंडी और सिरमौर जिलों के लिए 30 जनवरी तक घने कोहरे और शीत लहर की स्थिति को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। 1 फरवरी से हिमपात और बारिश का एक और दौर शुरू होने की संभावना है। मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए कुल्लू जिला प्रशासन ने 28 जनवरी को सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है।

