उत्तर प्रदेश के गोंडा में बुधवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब यार्ड लाइन पर खड़ी एक मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना की सूचना मिलते ही मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) समेत रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
रेलवे के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, “यह मालगाड़ी भठिंडा से आई थी और एनएफ रेलवे की ओर जा रही थी। इसके दो वैगनों की तीन बोगियां (ट्रॉली) पटरी से उतर गईं। कुछ दिन पहले यहां पुनर्विकास का काम हुआ था और हाल में बारिश भी हुई है। घटना के कारणों की जांच की जाएगी। सभी वैगनों को हटाया जा रहा है और ट्रैक की मरम्मत के बाद उसकी फिटनेस प्रमाणित की जाएगी।”
उल्लेखनीय है कि 19 जुलाई को झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में भी टाटा-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस के साथ एक बड़ा हादसा टल गया था। गालूडीह थाना क्षेत्र में स्वर्णरेखा नदी पर बने रेलवे पुल के पास ट्रेन के गुजरने के दौरान ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तार टूटकर एक कोच की छत पर गिर गया था, जिससे ट्रेन को बीच पुल पर ही रोकना पड़ा था।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह घटना 19 जुलाई की सुबह करीब सात बजे चंद्ररेखा गांव के समीप हुई थी। टाटानगर से हावड़ा जा रही स्टील एक्सप्रेस के गुजरने के दौरान अचानक ओएचई तार टूट गया, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और ट्रेन को तत्काल रोक दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना से पहले तेज चरमराहट की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद चिंगारियां निकलती दिखाई दीं। कुछ ही क्षणों बाद हाई-टेंशन ओएचई तार ट्रेन की छत पर गिर गया, जिससे यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। हालांकि, रेलवे की तत्परता के चलते इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और बड़ा हादसा टल गया।

