June 29, 2026
Entertainment

दिग्गज फिल्ममेकर के. भाग्यराज को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई, चेन्नई में हुआ अंतिम संस्कार

Veteran filmmaker K. Bhagyaraj bid a final farewell with state honors; last rites performed in Chennai.

तमिल सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर, अभिनेता और लेखक के. भाग्यराज को रविवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनका अंतिम संस्कार चेन्नई के बेसेंट नगर इलेक्ट्रिक श्मशान घाट पर किया गया। उनके निधन से तमिल फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई।

के. भाग्यराज को सिनेमा में एक ऐसे कलाकार के रूप में जाना जाता था जिन्होंने हर भूमिका में खुद को साबित किया। उन्होंने फिल्मों में एक्टिंग के साथ-साथ डायरेक्टर, एक्टर, स्क्रीनप्ले राइटर, डायलॉग राइटर और म्यूजिक कंपोजर के तौर पर बेहतरीन काम किया। उनकी खासियत थी कि वह आम इंसान की जिंदगी को बेहद सरल तरीके से पर्दे पर पेश करते थे, जिससे दर्शक खुद को उनकी कहानियों से जोड़ पाते थे।

उनकी फिल्मों की सबसे बड़ी ताकत उनकी कहानी कहने की अनोखी शैली थी। वह अपने किरदारों को वास्तविक और आसान तरीके से दिखाते थे। उनके डायलॉग सीधे दर्शकों के दिल तक पहुंचते थे। इसी वजह से उन्हें तमिल सिनेमा के सबसे प्रभावशाली फिल्मकारों में गिना जाता है।

के. भाग्यराज ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘सुवरिल्लाथ चिथिरंगल’ से बतौर निर्देशक की थी। इसके बाद उन्होंने कई ऐसी फिल्में दीं जिन्हें आज भी क्लासिक माना जाता है। उनकी प्रमुख फिल्मों में ‘मौना गीथंगल’, ‘अंधा 7 नाटकल’ और ‘मुथानई मुधिचु’ शामिल हैं। उनकी फिल्मों में रोमांस, फैमिली ड्रामा और कॉमेडी का अनोखा मेल देखने को मिलता था। वह ऐसे विषयों को चुनते थे, जो आम जीवन से जुड़े होते थे।

के. भाग्यराज का जन्म तमिलनाडु के इरोड जिले के वेल्लाकोईल में हुआ था। शनिवार को उनका निधन दिल का दौरा पड़ने से हो गया। वह 73 साल के थे। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। उनके पार्थिव शरीर को चेन्नई स्थित उनके निवास पर रखा गया, जहां फिल्म जगत के कई बड़े कलाकार, राजनेता और हजारों प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।

श्मशान घाट पर के. भाग्यराज को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।

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