पालमपुर स्थित हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय (सीएसके) के कुलपति एके पांडा ने एचपीएयू पेंशनभोगी सभा को आश्वासन दिया है कि विश्वविद्यालय स्तर पर हल की जा सकने वाली उनकी सभी मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। यह आश्वासन सभा की नवनिर्वाचित कार्यकारी समिति की विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ आज हुई पहली बैठक के दौरान दिया गया।
सभा के अध्यक्ष एसपी शर्मा ने विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के पास कई मुद्दे अनावश्यक रूप से लंबित हैं, जिनमें 2016 और 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लिए संशोधित पेंशन भुगतान आदेश जारी करना, 65, 70, 75 और 80 वर्ष की आयु में पांच वर्ष पूरे होने के बाद पेंशन भत्तों में वृद्धि न होना, और सेवानिवृत्त लोगों को चिकित्सा और अन्य हकदार लाभों का लाभ उठाने में सक्षम बनाने के लिए उचित पहचान पत्र जारी करना आदि शामिल हैं।
शर्मा ने कुलपति से इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का अनुरोध किया। उन्होंने पांडा से विश्वविद्यालय के पेंशनभोगी प्रकोष्ठ को सुदृढ़ करने का भी अनुरोध किया ताकि यह बेहतर ढंग से कार्य कर सके। सभा के महासचिव एस.के. उपाध्याय ने बताया कि बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से रजिस्ट्रार मधु चौधरी और नियंत्रक नीरज सूद उपस्थित थे। सभा की कार्यकारी समिति के कई पदाधिकारी, जिनमें उपाध्यक्ष राजिंदर सिंह, संयुक्त सचिव जेपी ठाकुर, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कटोच, संयुक्त कोषाध्यक्ष सुमन शर्मा और सदस्य भगवान देव एवं संत कुमार शामिल थे, बैठक में उपस्थित थे।


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