वुडस्टॉक में एक बुजुर्ग सिख व्यक्ति के साथ नस्लीय उत्पीड़न का एक परेशान करने वाला वीडियो सामने आने के बाद व्यापक निंदा हुई है और कनाडा में बढ़ती नफरत की घटनाओं को लेकर नई चिंताएं पैदा हुई हैं। ऑनलाइन प्रसारित हो रहे फुटेज में एक बुजुर्ग व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर निशाना बनाते हुए दिखाया गया है, जिसके बाद नस्लवाद और भेदभाव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
इस घटना को समुदाय के सदस्यों ने घोर अस्वीकार्य बताया है और इस बात पर जोर दिया है कि इस तरह के व्यवहार का कनाडाई समाज में कोई स्थान नहीं है। वुडस्टॉक पुलिस सेवा सहित स्थानीय अधिकारियों ने घटना पर प्रतिक्रिया दी और मामले की समीक्षा कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिली प्रतिक्रियाओं में इस बात पर जोर दिया गया है कि “यह सिर्फ सिखों का मुद्दा नहीं है, यह एक मानवीय मुद्दा है,” जो नफरत से प्रेरित व्यवहार में वृद्धि के बारे में व्यापक चिंताओं को दर्शाता है।
यह घटना ऐसे समय में घटी है जब कनाडा का विश्व सिख संगठन देश भर में सिख विरोधी भेदभाव से निपटने के प्रयासों को तेज कर रहा है। संगठन कनाडाई नस्ल संबंध फाउंडेशन द्वारा वित्त पोषित अपनी रिपोर्ट, “कनाडा में सिख विरोधी घृणा को समझना और उसका समाधान करना” के विमोचन के साथ-साथ सरे में एक पैनल चर्चा का आयोजन करने जा रहा है।
1,600 से अधिक सिख कनाडाई नागरिकों के सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में पाया गया है कि 80% लोगों का मानना है कि हाल के वर्षों में सिख विरोधी नफरत बढ़ी है, जबकि 65% लोगों ने मौखिक उत्पीड़न का सामना करने की बात कही है। रिपोर्ट में नस्लवाद, विदेशियों के प्रति नफरत और गलत सूचना को इसके प्रमुख कारण बताया गया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएसओ) का कहना है कि इन निष्कर्षों से देशभर में नफरत से प्रेरित घटनाओं के खिलाफ जागरूकता, शिक्षा और मजबूत सुरक्षा उपायों की तत्काल आवश्यकता उजागर होती है।

