January 12, 2026
Entertainment

निगेटिव पीआर और फेक रिव्यू पर छलका विजय देवरकोंडा का दर्द, कहा, ‘वर्षों पहले हुआ शिकार’

Vijay Deverakonda expresses his pain over negative PR and fake reviews, saying, “I was a victim years ago.”

पिछली बार ‘किंगडम’ में दिखने वाले साउथ इंडस्ट्री के अभिनेता विजय देवरकोंडा अपनी फिल्मों से लेकर पर्सनल लाइफ तक के लिए सुर्खियों में छाए रहते हैं। उनकी फिल्म ‘किंगडम’ ने बॉक्स ऑफिस पर औसत कारोबार किया था। अब अभिनेता ने फिल्म रिलीज से पहले होने वाले निगेटिव पीआर और फेक रिव्यू पर बात की और दुख जताया कि उनकी फिल्म ‘डियर कॉमरेड’ भी इसका शिकार हुई थी।

विजय देवरकोंडा ने मेगास्टार चिरंजीवी की एक आगामी तेलुगु फिल्म ‘मना शंकर वर प्रसाद गारू’ को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुशी और दुख दोनों जताया है। खुशी इस बात की है कि अब निर्माता और बड़े स्टार्स ने फेक रेटिंग रिव्यू को समस्या माना है और दुख इस बात का है कि जब उन्होंने इस समस्या को लेकर आवाज उठाई थी, तब किसी ने ध्यान नहीं दिया था।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यह देखकर खुशी और दुख दोनों हो रहे हैं। खुशी इस बात की है कि कई लोगों की मेहनत, सपने और पैसा किसी तरह सुरक्षित हो रहे हैं और दुख इस बात का है कि हमारे ही लोग इन समस्याओं की जड़ हैं। जियो और जीने दो के सिद्धांत और साथ मिलकर विकास करने का क्या हुआ?”

अभिनेता ने आगे लिखा, ”’डियर कॉमरेड’ के दिनों से ही मैंने संगठित हमलों की भयावह राजनीति को पहली बार देखा। इतने वर्षों तक मेरी आवाज अनसुनी रही। मुझसे कहा गया कि कोई अच्छी फिल्म को रोक नहीं सकता, और फिर मेरे साथ फिल्म बनाने वाले हर निर्माता और निर्देशक को जल्द ही इस समस्या की गंभीरता का एहसास हो जाता है। मैंने कई रातें यह सोचते हुए बिताई हैं कि किस तरह के लोग ऐसा करते हैं और उनसे कैसे निपटा जाए ताकि मैं अपने सपनों और मेरे जैसे और मेरे बाद आने वाले कई लोगों के सपनों की रक्षा कर सकूं। मुझे खुशी है कि अब यह मामला सबके सामने आ गया है और अदालत ने भी फिल्मों के लिए खतरे को स्वीकार कर लिया है।”

बता दें कि नयनतारा और चिरंजीवी अभिनीत फिल्म ‘मना शंकर वर प्रसाद गारू’ 12 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म की एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है, लेकिन इसी बीच ‘बुक माई शो’ के इंटरफेस पर फिल्म की समीक्षाएं और रेटिंग को कोर्ट के आदेश के बाद बैन कर दिया गया है। फिल्म निर्माताओं का मानना है कि इससे फिल्म पर निगेटिव असर पड़ता है और लोग बिना फिल्म देखे निगेटिव पीआर करते हैं।

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