N1Live National एलपीजी महंगाई पर विक्रमादित्य सिंह का हमला, बोले- सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए
National

एलपीजी महंगाई पर विक्रमादित्य सिंह का हमला, बोले- सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए

Vikramaditya Singh attacks LPG price hike, says government did not take timely action

हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह ने एलपीजी सप्लाई से जुड़े मामलों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस महंगाई के बढ़ने की संभावनाएं पहले से ही दिखाई दे रही थीं, लेकिन सरकार ने कोई भी फैसला लिया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है

विक्रमादित्य सिंह ने दिल्ली में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “यह बहुत चिंता की बात है और यह दिखाई दे रहा था कि महंगाई बढ़ने की संभावना है। होर्मुज स्ट्रेट में लंबे समय तक रुकावट के कारण इंटरनेशनल क्रूड की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि हमारे रुपए की कीमत गिर रही है, जिससे डॉलर में प्रति बैरल कीमत बढ़ रही है। इसे ‘दीवार पर लिखा इशारा’ कहा जा सकता है।”

कांग्रेस नेता ने कहा, “जब 28 फरवरी को मिडिल ईस्ट में नए सिरे से संघर्ष की शुरुआत हुई, उसके बाद से चीजें साफ दिखाई दे रही थीं। हालांकि, इसके बावजूद कोई फैसला नहीं लेना और कोई ठोक कदम नहीं उठाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरे देश को महंगाई में झोंका जा रहा है। चाहे वह कारखाने हों, टाइल बनाने की इंडस्ट्री हो, होटल हों, कमर्शियल हों या घरेलू एलपीजी, हर जगह पर महंगाई हो रही है। इसको सही किया जा सकता था। ”

तेल की कीमतों को लेकर विक्रमादित्य ने कहा, “अगर हमारे रिश्ते कहीं न कहीं रूस के साथ पहले की तरह रहते तो सस्ता तेल मिल सकता था। मगर पुतिन ने भी कह दिया है कि भारत को तेल बाजार की कीमत पर मिलेगा। यह चिंता का विषय है। इस पर केंद्र सरकार को सोचना चाहिए और अहम कदम उठाए जाने चाहिए।”

मिडिल ईस्ट की स्थिति, बेरोजगारी और तेल की कीमतों पर कांग्रेस की ओर से संसद में चर्चा की मांग पर विक्रमादित्य सिंह ने कहा, “सभी जानते हैं कि पूरे देश के अंदर हाहाकार मचा हुआ है। यह सिर्फ कारखानों और होटलों का विषय नहीं है, बल्कि देश के हर व्यक्ति से जुड़ा हुआ मसला है। अगर सरकार इस पर चर्चा नहीं करना चाहती है तो मेरा मानना है कि सरकार बचकर भागने की कोशिश कर रही है।”

उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति को लेकर संसद में चर्चा की जानी चाहिए। विदेश मंत्री को एक प्रस्ताव मांगना चाहिए और विपक्ष की आवाज को भी सुना जाना चाहिए। इस विषय पर सरकार एक बवंडर में फंस चुकी है। इससे कैसे बाहर निकलना है, सभी को मिलकर चर्चा करनी चाहिए।

Exit mobile version