N1Live Punjab तूर बंजारा में दलित परिवार के दुख पर भाजपा की राजनीति को गांववासियों ने नकारा, भाजपा नेताओं को भगाया: मनीष सिसोदिया
Punjab

तूर बंजारा में दलित परिवार के दुख पर भाजपा की राजनीति को गांववासियों ने नकारा, भाजपा नेताओं को भगाया: मनीष सिसोदिया

Villagers rejected the BJP's politics over the grief of a Dalit family in Toor Banjara and chased away BJP leaders: Manish Sisodia.

अनिल भारद्वाज

चंडीगढ़ 10 सितंबर | संगरूर के तूर बंजारा में गुलज़ार सिंह की मौत पर पहुंचे भाजपा नेताओं को गांववासियों ने भगा दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने पंजाब भाजपा के नेता केवल सिंह ढिल्लों का घेराव किया और उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस पर आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसौदिया ने कहा कि इस घटना ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए एक गरीब दलित परिवार के दर्द का शोषण करने की भाजपा की कोशिश को बेनकाब कर दिया है।

आप के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसौदिया ने एक्स पर लिखा: “भाजपा ने पंजाब में एक गरीब दलित परिवार के दर्द पर राजनीति करने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें आइना दिखा दिया। जब भाजपा नेता केवल सिंह ढिल्लों अपनी झूठी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए गांव पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उनका घेराव किया, ‘केवल सिंह ढिल्लों मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और उन्हें गांव में घुसने तक नहीं दिया।”

पंजाब के कैबिनेट मंत्री और ‘आप’ के वरिष्ठ नेता डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भाजपा नेता गुलज़ार सिंह के निधन के बाद शोकाकुल परिवार के दुख का सम्मान किए बिना ही गांव पहुंच गए। डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “गुलज़ार सिंह की मौत के दुख में डूबे परिवार की पीड़ा की परवाह किए बिना, भाजपा नेता उनकी लाश पर राजनीति करने के लिए गांव पहुंच गए। पंजाब के लोगों ने उन्हें तुरंत वापस मोड़ दिया और उनकी अवसरवादी राजनीति का पर्दाफाश किया।”

डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “केवल ढिल्लों, अश्वनी शर्मा, सुनील जाखड़ और मनप्रीत बादल को याद रखना चाहिए कि पंजाब की धरती पर लोग मौत को भी राजनीतिक तमाशा बनाने वालों को कभी माफ नहीं करते।”

भाजपा के राजनीतिक चाल-चलन पर सवाल उठाते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “जो लोग दुख की घड़ी में हमदर्दी के बजाय राजनीतिक मौका देखते हैं, वे पंजाब के लोगों को किस तरह की राजनीति सिखाएंगे? पंजाब लाशों पर राजनीति करने वाली इस शर्मनाक सोच को कभी स्वीकार नहीं करेगा।”

Exit mobile version