July 9, 2026
National

डॉक्टरों के साथ हिंसा बर्दाश्त नहीं, पुणे में जर्जर इमारतों का ऑडिट जरूरी: शायना एनसी

Violence against doctors will not be tolerated; audit of dilapidated buildings in Pune is essential: Shaina NC

महाराष्ट्र में डॉक्टर पर शिवसेना कॉर्पोरेटर द्वारा किए गए हमले पर शिवसेना प्रवक्ता शायना एनसी ने पार्टी का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, पुणे हादसे को उन्होंने भविष्य के लिए चेतावनी बताते हुए व्यापक स्तर पर संरचनात्मक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

डॉक्टर पर हुए हमले को लेकर शायना एनसी ने कहा कि डॉक्टर समाज के फ्रंटलाइन वर्कर्स हैं और मरीजों की सेवा में दिन-रात जुटे रहते हैं। ऐसे में उनके साथ हाथापाई या हिंसक व्यवहार को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता। शिवसेना का स्पष्ट मत है कि इस तरह की घटनाओं पर आत्म-परीक्षण होना चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिवसेना के नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे स्वयं चिकित्सक हैं और पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे महिलाओं के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। राज्य सरकार की ‘लाडकी बहन’ जैसी योजनाएं भी महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की भावना को दर्शाती हैं। ऐसे में पार्टी किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करती। इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। डॉक्टरों की गरिमा और सम्मान शिवसेना के लिए किसी भी प्रकार के समझौते का विषय नहीं है।

पुणे में इमारत गिरने की घटना पर शायना एनसी ने कहा कि यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शहरी ढांचे की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर परीक्षा है। सभी पुरानी और जर्जर इमारतों का नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाना चाहिए, समय पर मरम्मत होनी चाहिए और केवल लाइसेंस प्राप्त इंजीनियरों की निगरानी में निर्माण एवं मरम्मत कार्य किए जाने चाहिए। साथ ही, यूडीसीपीआर 2020 के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से हेल्पलाइन, कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, लेकिन नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपनी इमारतों की स्थिति की जांच करें। लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भवन के आवश्यक परमिट मौजूद हैं या नहीं और यदि भवन जर्जर है तो समय रहते उसकी मरम्मत या आवश्यक कार्रवाई कराई जाए।

शायना एनसी ने विशेष रूप से पुणे के पुराने इलाकों, शनिवार पेठ, सदाशिव पेठ, रविवार पेठ का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में कई इमारतें काफी पुरानी हो चुकी हैं और लंबे समय से उनका समुचित रखरखाव नहीं हो पाया है। कई मामलों में मकान मालिक और किराएदारों के बीच विवाद के कारण मरम्मत कार्य प्रभावित होता है, जबकि कुछ स्थानों पर भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन के मामले भी सामने आए हैं। इन सभी पहलुओं को समग्र दृष्टिकोण से देखने और दीर्घकालिक समाधान निकालने की जरूरत है।

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