N1Live National बांद्रा पहुंचे वारिस पठान बोले, 400 परिवारों के आशियाने तोड़े गए, मानसून से पहले मिले वैकल्पिक आवास
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बांद्रा पहुंचे वारिस पठान बोले, 400 परिवारों के आशियाने तोड़े गए, मानसून से पहले मिले वैकल्पिक आवास

Waris Pathan, who arrived in Bandra, said that the homes of 400 families were demolished and they should be provided with alternative housing before the monsoon.

एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने बांद्रा (पूर्व) के गरीब नगर में चल रहे तोड़फोड़ अभियान का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहां रहने वाले लोग कई वर्षों से इस इलाके में रह रहे थे और अब अचानक उनके घरों को बुलडोजर से गिरा दिया गया है।

वारिस पठान ने कहा, “करीब 400 गरीब परिवारों के घर तोड़े गए हैं, जिसके कारण महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। प्रभावित लोगों को खाने-पीने के पानी, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।”

पठान ने कहा कि कई परिवारों ने उन्हें बिजली बिल, घर के दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड दिखाए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे लंबे समय से वहां रह रहे थे। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि जिन लोगों के दस्तावेज वैध पाए जाएं, उन्हें जल्द से जल्द वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाए, खासकर मानसून के मौसम को देखते हुए।

उन्होंने यह सवाल उठाया कि जिन अधिकारियों ने इन लोगों को वर्षों तक वहां रहने की अनुमति दी, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। पठान ने कहा कि केवल गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाना उचित नहीं है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

इस दौरान वारिस पठान ने देवनार बकरी मंडी का भी दौरा किया। उन्होंने मंडी में मौजूद व्यापारियों, नगर निगम अधिकारियों और पुलिस प्रशासन से मुलाकात कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पठान ने बताया कि दूर-दराज के इलाकों से बकरियां लेकर आने वाले व्यापारियों को पानी और अन्य सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने मंडी की अनुमति तो दे दी है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम की टीम और स्थानीय पार्षद इस मामले को राज्य सरकार के सामने उठाएंगे और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि कुर्बानी के समय व्यापारियों और मवेशियों के लिए उचित व्यवस्था करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग पर वारिस पठान ने कहा कि मुसलमान कानून और संविधान का सम्मान करते हैं तथा उसी के दायरे में रहकर काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहती है तो उसे ऐसा करने से कोई नहीं रोक रहा है। उनके अनुसार, इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सभी पक्षों को संवैधानिक दायरे में रहकर समाधान निकालना चाहिए।

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