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पश्चिमी देश भारतीय लोकतंत्र की ताकत को स्वीकार करें : एरिक सोल्हेम

Western countries should acknowledge the strength of Indian democracy: Erik Solheim

6 मई । नॉर्वे के पूर्व मंत्री एरिक सोल्हेम ने कहा कि भारत में चार राज्यों व एक केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री मोदी को बड़ी जीत मिली। अब समय आ गया है कि पश्चिमी देश भारतीय लोकतंत्र की ताकत को स्वीकार करें।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल और असम के राज्य चुनावों में बड़ी जीत हासिल की है। कई राज्यों में मतदान अत्यंत उच्च रहा, पश्चिम बंगाल में 90% से भी अधिक मतदान हुआ, जो यूरोपीय और अमेरिकी चुनावों में सामान्य भागीदारी से कहीं ज्यादा है। 10.6 करोड़ की आबादी वाला पश्चिम बंगाल यूरोपीय संघ के किसी भी देश से बड़ा है, इसलिए यह परिणाम महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि इस परिणाम को पश्चिमी मीडिया को सोचने पर मजबूर करना चाहिए। वे अक्सर प्रधानमंत्री मोदी को लोकतंत्र के लिए खतरा और उनकी नीतियों को किसी प्रकार का हिंदू उग्रवाद बताकर प्रस्तुत करते हैं। हालांकि वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। भारत न केवल आकार में दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है बल्कि अपने सार में भी सबसे मजबूत लोकतंत्रों में से एक है। यह पश्चिमी ढांचे की नकल नहीं है बल्कि भारतीय परंपराओं और इतिहास में गहराई से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और केरल में चौंकाने वाले परिणाम आए और तमिलनाडु में भी एक बड़ा झटका देखने को मिला। फिर भी हारने वालों ने हार स्वीकार की। मतदान उच्च रहा और लगभग कोई हिंसा नहीं हुई। हर नागरिक को मतदान पत्र मिला, यहां तक कि सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हुईं। यहां अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कोई रोक नहीं है और भारतीय इसका व्यापक रूप से उपयोग करते हैं।

उन्होंने कहा कि जब 2024 के संसदीय चुनावों में BJP का प्रदर्शन उम्मीदों से कम रहा, तो कई पश्चिमी मीडिया ने इसे मोदी के अंत की शुरुआत की तरह प्रस्तुत किया। इसके बाद से भाजपा ने ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार में विधानसभा चुनाव जीते और अब असम व पश्चिम बंगाल में भी जीत हासिल की।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब अमेरिका में लोकतंत्र को खतरा बताया जा रहा है और यूरोपीय लोकतंत्रों को नतीजे देने में कठिनाई हो रही है, हमें भारत से प्रेरणा लेनी चाहिए, डर नहीं।

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